पठानकोट में आतंकी हमले और सुरक्षा अलर्ट के बीच किसी ने कासगंज-सिकंदराराऊ मार्ग पर स्थित हजारा नहर झाल पुल की दीवारों पर ‘आईएस’ लिखकर सनसनी फैला दी। जानकारी होने पर पुलिस व खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं और मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे किसी की शरारत मान रही है और कालिख पोतकर आईएस मिटवा दिया गया।
यह कब लिखा गया इसकी सही जानकारी तो किसी को नहीं है, शनिवार को इसको लेकर शहर में चर्चाएं शुरू हुई। तो पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुल पर एक जगह ‘आईएस अफरीदी’ लिखा गया था तो एक जगह ‘पाक’। एक जगह भारत का नक्शा बनाकर उसमें ‘इमरान अफरीदी आईएस’ लिखा गया था। पुलिस की एलआईयू, स्पेशल ब्रांच एलआईयू, आईबी के अलावा और अलीगढ़ से भी एक टीम इसकी जांच करने पहुंची। आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई। खुफिया एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। पुलिस ने शनिवार देर शाम इस पर कालिख पोतवा दी।
बता दें, हाल ही में कासगंज के एक न्यूज पोर्टल ‘कासगंज लाइव डॉट इन’ को भी हैक कर उस पर पाकिस्तान का झंडा लगा दिया गया था। ऐसे में पुल पर आईएस लिखने की घटना सामने आने के बाद सवाल उठा कि क्षेत्र में कोई आईएस समर्थक तो सक्रिय नहीं है या फिर यह किसी की शरारत है। इमरान अफरीदी लिखने के पीछे किसी को फंसाने की मंशा तो शरारती तत्वों की नहीं है। सीओ शबीह हैदर का कहना है कि शरारत के उद्देश्य से दीवारों पर आईएस लिखा है, इसका कोई मतलब नहीं है। फिर भी इसकी जांच की जा रही है।