इस समय सरकारी नशा केंद्र में ही 600 मरीज हेरोइन की लत वाले पंजीकृत हैं। इसके अलावा निजी नशा मुक्ति केंद्र और पुलिस के नशा मुक्ति केंद्र को जोड़ दें तो जम्मू संभाग में एक हजार से अधिक नशा करने वाले सरकारी खाते में ही मौजूद हैं, जबकि चोरी छुपे हेरोइन का इस्तेमाल करने वालों की गिनती ही नहीं।
नशे से 200 से अधिक मौतें
गैर सरकारी संस्था टीम जम्मू की एक रिपोर्ट कहती है कि पिछले पांच सालों में हेरोइन और नशे की लत की वजह से 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
सूत्रों की मानें तो पिछले पांच सालों में जम्मू-कश्मीर में लगभग छह हजार करोड़ की हेरोइन बरामद हो चुकी है। जिसमें 500 से ज्यादा लोग पकड़े गए हैं। इनमें कई पुलिसकर्मी और सेना से रिटायर लोग तक शामिल हैं।
अफगानिस्तान से पाकिस्तान और पाकिस्तान से पीओके के रास्ते कश्मीर और फिर कश्मीर से जम्मू भेजी जाने वाली हेरोइन की लत में जम्मू इस समय बुरे तरीके से जकड़ा हुआ है। जम्मू में हालत यह है कि अब लड़कियां भी इसकी गिरफ्त में है।