केंद्र की मोदी सरकार ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक पं. मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न से नवाजने के बाद अब उनके नाम पर पहली सरकारी योजना शुरू की है। बेहद गुपचुप तरीके से केंद्र के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा ‘पं. मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स ट्रेनिंग एंड टीचिंग’ की शुरुआत की गई है। इसके तहत देश भर के शिक्षकों को न केवल पढ़ाने के तरीके, बल्कि पाठ्यक्रम को डिजायन करने और प्रोफेशनल बनाया जाएगा।
10 दिन पहले केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ बीएचयू संस्थापक पं. मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न देने का ऐलान किया। महामना को भारत रत्न देने के साथ ही विरोध को दरकिनार करते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने नेशनल मिशन की घोषणा भी कर दी है। मंत्रालय के उच्चशिक्षा सचिव सत्य एन मोहंती (आईएएस) ने बताया कि अच्छे शिक्षक दुर्लभ हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए स्कूल, तकनीकी संस्थान और विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। देश का भविष्य उनके हाथों से निखरे, इसलिए मिशन में शिक्षक, शिक्षण तकनीक, पाठ्यक्रम डिजायन, बच्चों के विकास के लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। महामना के नाम पर शुरू ट्रेनिंग मिशन में केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्कूल आफ एजूकेशन, सेंटर आफ एक्सीलेंस, इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फार टीचर्स एजूकेशन, नेशनल रिसोर्स सेंटर आफ एजूकेशन हिस्सा होंगे।
गुपचुप लांच किया गया मालवीय नेशनल मिशन
आगरा। भारत रत्न देने पर उठे विरोध के स्वर को देखते हुए मोदी सरकार ने बेहद गुपचुप तरीके से महामना मदन मोहन मालवीय के नाम पर नेशनल मिशन ऑन टीचर्स ट्रेनिंग को शुरू किया है। उच्च शिक्षा सचिव ने पहली बार दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट में योजना के बारे में बताया।