आवारा कुत्तों द्वारा दौड़ाये जाने के बाद हादसे का शिकार होने वाले मिट्ठूलाल
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कानपुर शहर को भले ही स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद हो रही है, लेकिन यहां कि सड़कें किसी चिड़ियाघर से कम नहीं हैं। इसका खामियाजा काकादेव थाने के हेड मोहर्रिर मिठ्ठूलाल दोहरे को भी भुगतना पड़ा। आवारा कुत्तों ने बाइक सवार मिठ्ठू को ऐसा दौड़ाया कि वह बाइक से घायल हो गए, और अब बिना वर्दी थाने में ड्यूटी देने को मजबूर हैं।
मिठ्ठू ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब 5 बजे वह अपनी बेटी को बाइक से गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। जैसे ही बाइक ने फजलगंज चौराहा पार किया, वैसे ही सामने और पीछे से आए 10-15 आवारा कुत्तों ने उन्हें घेर लिया। बाइक की रफ्तार बढ़ाई तो कुत्तों का झुंड पीछे दौड़ पड़ा और हड़बड़ाहट में बाइक गढ्डे में कूदा दी, फिर वे, बेटी और बाइक तीन सड़क पर गिरे पड़े थे। बेटी के हाथ में तो मामूली चोट आई लेकिन उनका घुटना फूट गया। हाथ में भी चोट आई। जैसे तैसे बेटी को स्टेशन छोड़ा। इसके बाद पट्टी बंधवाकर थाने में सादी वर्दी में ड्यूटी दे रहा हूं। बकौल मिठ्ठू वाकई नगर निगम ने शहर को नरक बना रखा है।