फिल्म ‘सिंह इज किंग’ के गाने ‘दिल खो गया’ और ‘जी करदा बई जी करदा’ के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं कि इन गानों में बजने वाली सारंगी की धुन शहर से कुछ दूर मुल्लांपुर के रहने वाले रणधीर सिंह की सारंगी से निकली थी। रणधीर सिंह को सारंगी की शिक्षा विरासत में ही मिली। सोमवार दोपहर रणधीर सिंह ने विशेषरूप से अमर उजाला टीम से खास मुलाकात की और अपने संगीत के सफर के अनुभव साझा किए।
विरासत में मिला संगीत
रणधीर ने कहा कि उनके पिता एक सरकारी कर्मचारी थे और ताया जी संगीतकार। बचपन से ही उन्होंने अपने घर में पंजाबी लोक संगीत से जुड़े वाद्य यंत्रों को देखा है। उनके पिता ढड्ड और ताया जी सारंगी बजाते थे।
उन्होंने बताया कि साल 1981 में उन्होंने ताया जी के साथ जुड़ कर सारंगी बजाने की शिक्षा ली। दो साल में ही वह सारंगी में इतने माहिर हो गए कि स्टूडियो में रिकॉर्डिंग करनी शुरू कर दी। इसके बाद रणधीर ने कई पंजाबी गायकों के गानों में अपनी सारंगी से कई गीत सजाए।
प्रीतम है बेहतरीन इंसान
रणधीर ने बताया कि सिंह इज किंग में सारंगी वादन के लिए प्रीतम ने उन्हें मुंबई बुलाया। उन्होंने कहा कि वह हैरान थे कि प्रीतम को उनके बारे में पहले से पता था। दिल खो गया गाना पूरी तरह से सारंगी पर आधारित था इसलिए उसमें काम करना काफी दिलचस्प अनुभव रहा। इससे पहले वह धूम 2 फिल्म में भी संगीत दे चुके थे।
विदेशों में इंटरनेट के माध्यम से भेजते हैं संगीत
विदेशों में बसे कई संगीत निर्देशक अकसर रणधीर से सारंगी और अन्य वाद्य यंत्रों की रिकॉर्डिंग मंगवाते हैं। रणधीर ने कहा कि यूके और कनाडा में बसे सुखशिंदर शिंदा, पोपसी, बाली सागू, अमन हेयर उनसे अकसर संगीत की रिकॉर्डिंग मंगवाते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें इंटरनेट के द्वारा बता दिया जाता है कि किस तरह का संगीत चाहिए।
पंजाबी गानों में वेस्टर्न और फोक का संगम
रणधीर ने कहा कि पंजाबी लोक संगीत से जुड़े वाद्य यंत्रों की मांग आजकल खूब है। बेशक पंजाबी गानों में अधिकतर वेस्टर्न म्यूजिक इस्तेमाल में लाया जाता हो, लेकिन बिना लोक संगीत से उसे पंजाबी की रंगत नहीं दी जा सकती। अकसर हर संगीतकार को पंजाबी वाद्य यंत्रों की जरूरत अपने संगीत में पड़ती है।
कई युवा सीखना चाहते हैं पंजाबी वाद्य यंत्रों को
नई युवा पीढ़ी के बारे में रणधीर ने कहा कि आजकल कई युवा वाद्य यंत्रों से जुड़कर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। कई लोग उनसे वाद्य यंत्रों को सीखना चाहते हैं, लेकिन अधिक व्यस्त होने के कारण वह कोचिंग नहीं दे पाते। उन्होंने बताया कि उनका खुद का 18 वर्षीय लड़का भी उनके साथ संगत करता है।
इन गायकों के साथ कर चुके हैं काम
रणधीर ने कहा कि उन्होंने पंजाबी गायकी की दुनिया में लगभग हर किसी के साथ काम किया है। इनमें कलियां दे बादशाह कुलदीप माणक, बब्बू मान, सरबजीत चीमा, नच्छतर गिल, दलजीत दोसांझ, गिप्पी ग्रेवाल, जैजी बी, मिस पूजा, कलेर कंठ, सूफी गायक कंवर ग्रेवाल शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि वह हनी सिंह के कई गानों में भी सारंगी वादन कर चुके हैं। रणधीर ने बताया कि वह आजकल कंवर ग्रेवाल और गिप्पी ग्रेवाल के साथ काम कर रहे हैं और जल्द ही इनके नए गाने रिलीज होंगे।