केजीएमयू में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ही नहीं आसपास के जिलों से भी मरीज बहुत उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। अगर यहां आकर उन्हें इलाज नहीं मिले तो यह हमारी संस्था पर बड़ा सवाल होगा।
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हर मरीज को इलाज के साथ जरूरी दवा भी मिलेगी। मरीज को दवा ही नहीं पीने के लिए ठंडा पानी, पौष्टिक भोजन भी दिया जाएगा।
मेरी कोशिश है कि मौजूदा बजट में हर मरीज को जरूरी दवा दिलाई जा सके। इसके लिए दवा कंपनियों के साथ कांट्रेक्ट से लेकर दूसरे स्त्रोतों से बजट इकट्ठा करने का प्रयास रहेगा।
खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी खाने की गुणवत्ता के अलावा डायट में शामिल तत्वों पर भी निगाह रखेगी।
मरीज से सुधरेगा व्यवहार
सीएमएस डॉ. एससी तिवारी के साथ मिलकर स्टाफ का व्यवहार सुधारने का काम किया जा रहा है। इसके लिए लगातार स्टाफ के साथ बातचीत की जा रही है।
उन्हें समझाया जा रहा है कि कैसे वे अपने व्यवहार से मरीजों का दिल जीत सकते हैं। स्टाफ को अब अधिकतम आठ घंटे ही काम करना होगा। इससे स्टाफ का व्यवहार मरीजों के प्रति अच्छा रखने में मदद मिलेगी।
नहीं ले पाएंगे मरीजों के हक की दवाई
केजीएमयू स्टाफ के लिए अब हेल्थ बुक अनिवार्य कर दी गई है। इस हेल्थ बुक में स्टाफ की बीमारी और इलाज का ब्यौरा दर्ज होगा। इससे वह वही दवा ले सकेंगे जोकि उन्हें बीमारी के चलते लिखी जाएगी।