बलिया-बस्ती में पांच घंटे बाद मूसलाधार बारिश होने जा रही है या मेरठ व आगरा में तेज रफ्तार आंधी आने वाली है। प्रदेश में कहां ओले गिरने वाले हैं।
मौसम बिगड़ने या उसमें होने वाली उठापटक की ये सूचनाएं चंद घंटों पहले ही आम लोगों के साथ ही किसानों को भी एसएमएस के जरिए मिल सकेंगी।
जिससे वे जल्दी से जल्दी अपनी तैयारियां पूरी कर लें। पूरी योजना अगले तीन से चार महीने में शुरू हो जाएगी। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों के लोग तय नंबरों पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
पहले चरण में ग्राम प्रधानों, पंचायत सदस्य, जिले के महत्वपूर्ण अधिकारी अपना पंजीकरण कराएंगे।
उसके बाद विभाग की ओर से इन सभी को शार्ट टर्म रेंज वेदर फोरकास्ट (4 से 6 दिनों तक की), नाऊ टर्म रेंज वेदर फोरकास्ट (24-36 घंटों के बदलाव) की जानकारियां मैसेज से मिलती रहेंगी।
इसके अलावा मौसम में आने वाले फौरी बदलाव की जानकारियां भी उन्हें तय समय से पहले एसएमएस से मिल जाएंगी। ये सारी जानकारियां लोगों को हिंदी के अलावा स्थानीय भाषा में भी मिल सकेगी।
टोल-फ्री नंबर पर ले सकते हैं जानकारी
पूरे प्रदेश से किसानों के फोन आते रहते हैं। वे अक्सर आने वाले दिनों में मौसम में होने वाले परिवर्तन के बारे में जानकारी मांगते रहते हैं।
बीते दिनों प्रदेश में कई दिन तक चली चुनावी सरगर्मी के दौरान कई पार्टी के नेता अपने चुनावी कार्यक्रम से पहले विभाग की मदद मांग रहे थे। मौसम विभाग की वेबसाइट पर फ्लैश होने वाले टोल फ्री नंबर पर लोग अपने क्षेत्र के मौसम की जानकारी ले सकते हैं।
लाजवाब है डॉप्लर वेदर रेडार
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र में 28 दिसंबर 2011 से काम करना शुरू कर चुका डॉप्लर वेदर रेडार बदलते मौसम के लिहाज से किसी वरदान से कम नहीं है।
किसानों से लेकर प्रदेश के तमाम विभागों में इससे जुटाए आंकड़ों की जानकारी ली जा रही है। डॉप्लर वेदर रडार लगभग 500 किमी की परिधि तक मौसम में आ रहे बदलावों को हर 10-10 मिनट में उपलब्ध करा रहा है।
मौसम की सटीक जानकारी
लखनऊ और उसके आसपास के लगभग 400 किमी. के क्षेत्रों में वातावरण की 24 घंटे की सटीक सूचना के साथ बादलों की उपस्थिति, उनकी दिशा, तीव्रता, चक्रवात, धूल कणों के साथ चक्रवात, बारिश का अनुमान, वर्षा की स्थिति के बारे में सटीक जानकारी दे रहा है।
इसका सबसे ज्यादा फायदा उड्डयन और कृषि से जुड़े लोगों को मिल रहा है। सटीक आंकड़ों की वजह से विमानों को उनके हवाई मार्ग में होने वाले त्वरित परिवर्तनों के बारे में जानकारी मुहैया कराई जा रही है। यही नहीं वैज्ञानिक बारिश का सटीक समय भी जान पा रहे हैं।