जनता दल यूनाइटेड (जदयू) शराबबंदी, बाल विवाह और दहेज प्रथा को चुनावी मुद्दा बनाएगा। पार्टी ने अपनी अलग राजनीतिक जमीन बनाने के लिए सामाजिक आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर रविवार को पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी को सामाजिक सरोकार से जोड़कर नया जनाधार तैयार करने की रणनीति पर विचार किया गया। साथ ही बैठक में कई अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जदयू केवल सत्ता के लिए राजनीति नहीं करता। पार्टी पौधारोपण से शराबबंदी तक को अपना एजेंडा बना चुकी है। उन्होंने कहा कि जदयू दो अक्तूबर से बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ राज्यभर में सामाजिक अभियान चलाने जा रही है।
बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की गई है। नीतीश कुमार ने जदयू नेताओं को खुद इससे संबंधित दिशा निर्देश दिए हैं।
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में पार्टी की रणनीति से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
शरद यादव से संबंधित सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि वे अब तेजस्वी और तेजप्रताप के अंकल भर रह गए हैं। वे बिहार आ रहे हैं तो उन्हें यह देख कर सुकून मिलेगा कि राज्य में पहले की तरह ही शांति और सौहार्द का वातावरण कायम है। नीरज ने कहा कि बैठक में शरद यादव के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई।
इससे पूर्व बैठक में शामिल होने पहुंचे जदयू के महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि राज्य में दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ सरकार अभियान चलाने जा रही है। उसे लेकर रूप रेखा बनेगी। इसके साथ ही संगठन के विस्तार और आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनाव पर बातचीत की गई। बैठक में जदयू के 203 सदस्य शामिल हुए, जिनमें मंत्री और विधायक के साथ पार्टी के दूसरे नेता शामिल थे।