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वो 5 बातें जो रामनाथ कोविंद के बारे में नहीं जानते होंगे आप

Mon, 26 Jun 2017 04:45 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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अपने दोस्तों और परिजनों के साथ रामनाथ
अपनी सादगी के लिए मशहूर रामनाथ कोविंद ने अपने कानपुर वाले मकान को दान कर दिया था। बिहार के राज्यपाल रामनाथ तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके भतीजे पंकज की झींझक बाजार में एक छोटी सी कपड़े की दुकान है।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के साथ रामनाथ कोविद
कानपुर देहात परौख गांव में कोविंद अपना पैतृक मकान बारातशाला के रूप में दान कर चुके हैं। बड़े भाई प्यारेलाल व स्वर्गीय शिवबालक राम हैं। रामनाथ कोविंद इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी के साथ महामंत्री रह चुके हैं। अगस्त 2015 में बिहार के राज्यपाल के तौर पर भी उनके नाम की घोषणा अचानक ही हुई थी।कोविंद लगातार 12 वर्षों तक राज्यसभा सांसद रहे। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे हैं।
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अपने भाई के साथ रामनाथ कोविद
बीजेपी दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय कोली समाज अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 1986 में दलित वर्ग के कानूनी सहायता ब्यूरो के महामंत्री भी रह चुके हैं। आईएएस परीक्षा में तीसरे प्रयास में मिली थी सफलता रामनाथ कोविंद की प्रारंभिक शिक्षा संदलपुर ब्लाक के ग्राम खानपुर परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय हुई।
 

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रामनाथ कोविंद के भतीजे पंकज
कानपुर नगर के बीएनएसडी से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद डीेएवी कॉलेज से बी कॉॅम व डीएवी लॉ कालेज से विधि स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दिल्ली में रहकर आईएएस की परीक्षा तीसरे प्रयास में पास की। मुख्य सेवा के बजाय एलायड सेवा में चयन होने पर नौकरी ठुकरा दी। रामनाथ गोविंद एक साधारण परिवार से आते हैं उनके भतीजे पंकज की कानपुर देहात झींझक के पास कपड़ों की दुकान है।
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रामनाथ कोविद के परिवार के लोग
जून 1975 में आपातकाल के बाद जनता पार्टी की सरकार बनने पर वे वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव रहे थे। जनता पार्टी की सरकार में सुप्रीम कोर्ट के जूनियर काउंसलर के पद पर कार्य किया।
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