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मंत्री विज बोले: केंद्र सरकार बात करने आई है, फिर वे दिल्ली क्यों जाना चाहते हैं? लगता है उनका मकसद कुछ और है

Tue, 13 Feb 2024 05:15 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा

सार

सोमवार को केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक बेनतीजा होने के बाद पंजाब-हरियाणा और पश्चिमी यूपी के किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में टेंट, राशन और अन्य सामान भरकर दिल्ली कूच के लिए निकल पड़े हैं।
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अनिल विज। - फोटो : ANI
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विस्तार
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किसानों के विरोध प्रदर्शन पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, "वे केंद्र सरकार से बात करना चाहते थे, लेकिन केंद्र सरकार (अधिकारी) यहां बात करने आई है। दो बार बातचीत हो चुकी है और आगे भी बातचीत से इनकार नहीं कर रहे हैं फिर भी वे दिल्ली जाने पर अड़े हुए हैं... वे दिल्ली क्यों जाना चाहते हैं? ऐसा लगता है कि उनका कोई और मकसद है... हम शांति भंग नहीं होने देंगे। उन्हें अपना कॉल वापस लेना चाहिए।
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वहीं केंद्रीय मंत्री का कहना है कि सरकार किसानों के मुद्दों पर सजग है। सरकार की किसान संगठनों से बात हुई है, लेकिन कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, तो कुछ पर नहीं बन पाई है। हम बातचीत के माध्यम से समाधान ढूंढेंगे। हम आगे भी बैठक के लिए तैयार हैं। हमारे दरवाजे किसानों के लिए खुले हुए हैं। कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि समाधान निकले। कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब कर रहे हैं। मेरी किसानों से अपील है कि ऐसे लोगों से बचें। किसानों के हितों को लेकर हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बातचीत के जरिए हर मुद्दे का समाधान निकाला जा सकता हैं। किसानों और उनके संगठनों को भी समझना चाहिए कि सरकार की भी एक पद्धति और मापदंड होते हैं। कई मामले राज्यों से जुड़े होते हैं उनके साथ भी विचार-विमर्श करना होता है। इसके बाद फिर संगठनों से चर्चा करनी होती है। किसानों को इस बात को समझने की जरूरत है।

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कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार को जानकारी मिली है कि कुछ लोग वातावरण को प्रदूषित करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं किसानों को कहना चाहूंगा कि वे इनसे बचें। भारत सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए बाध्य है। कुछ मुद्दों पर सहमति बन गई है। हम कुछ मुद्दों पर काम करने के लिए समाधान ढूंढ रहे हैं। जनता को परेशानी में नहीं डालना चाहिए किसान यूनियन को इसे समझना चाहिए।

कृषि मंत्री मुंडा कहते हैं कि किसान संगठन एमएसपी की जो बात कर रहे हैं, एमएसपी में 2013-14 की तुलना में 2023 और 24 में एमएसपी दर क्या है ये देखना चाहिए। सरकार भी चाहती है कि किसानों को उनके उत्पाद का पूरा मूल्य मिले। एमएसपी के मामले में यह बात कहना कि अभी ही सारी चीजें मिल जानी चाहिए, इसे राजनीति से प्रेरित नहीं होना चाहिए

टीकरी व सिंघु बॉर्डर फिर हुए बंद
दिल्ली पुलिस ने टीकरी बॉर्डर को किया पूरी तरह से सील कर दिया है। बैरिकेड्स के जरिये दिल्ली की तरफ आने जाने वाले दोनों रास्तों को बंद कर दिया गया है। वहीं सोनीपत के कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी गई है। केएमपी केजीपी जीरो प्वाइंट से वाहनों को निकाला जा रहा है।

बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस ने किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए कई लेयर की बैरिकेडिंग की है। सड़क के बीचो-बीच बड़े पत्थर रखकर नेशनल हाईवे नंबर 9 को ब्लॉक किया गया है। बहादुरगढ़ में सेक्टर 9 मोड़ पर पुलिस ने पहले ही दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया था। टीकरी बॉर्डर से दिल्ली की तरफ जाने वाले अन्य रास्तों को भी बंद किया गया है।

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