खतेड़ा के सतचूली महोत्सव के पांचवे और अंतिम दिन बरसात की फुहारों के बीच खतेड़ा गांव से मां भगवती और मां महाकाली की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शुक्रवार की रात्रि यहां देवी जागरण किया गया, जिसमें आसपास के गांवों के ग्रामीण शामिल रहे। शनिवार को दिन में एक बजे देवीरथ यात्रा शुरू हुई जो दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई को पार करते हुए मंदिर प्रांगण में पहुंची। देवीभक्त रस्सों से रथ को खींचते हुए मां का जयकारा लगाते उछल कूद रहे थे। भारी ठंड के बावजूद वह पसीने से तरबतर दिखे।
रथ के मंदिर में पहुंचने के बाद तीन बार परिक्रमा की गई। रथ के पीछे महिलाएं मां भगवती का गुणगान करते हुए चल रही थी। भगवती के डांगर के रूप में दिलीप सिंह और कालिका के रूप में चंद्रकांत चिलकोटी अवतरित हुए थे। परिक्रमा के बाद देवडांगरों ने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया गया। मंदिर के पुजारी दयानंद चिलकोटी, हरीश तिवारी समेत पंडित पीतांबर जोशी, जगत सिंह रावत, माधो सिंह, नाथ सिंह डांगी, खड़क सिंह आदि तमाम लोगों ने प्रसाद वितरण किया।