दिल्ली-एनसीआर में डीजल टैक्सियों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने डीजल टैक्सियों के परमिट खत्म होने तक चलते रहने के आदेश दिए हैं। ऐसे में फिलहाल डीजल टैक्सियां चलती रहेंगी।
दरअसल डीजल टैक्सियों का परमिट 5 साल के लिए होता है। इसलिए जिन टैक्सियों का परमिट बाकी हैं, वे टैक्सियां चलती रहेंगी। हालांकि कोर्ट ने साफ किया है कि आगे नई डीजल टैक्सियों को परमिट नहीं मिलेगा।
वहीं जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-एनसीआर में बीपीओ(कॉल सेंटर) कर्मियों को लाने-ले जाने वाली ऑल इंडिया परमिट वाली डीजल टैक्सियों को छूट दे सकती है। इसके अलावा शीर्ष अदालत ने यह भी संकेत दिए हैं कि 2000 सीसी से इंजन क्षमता वाले डीजल वाहनों के पंजीकरण पर लगी रोक के आदेश पर फिर से विचार किया जा सकता है।
साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण अथॉरिटी(ईपीसीए) और टैक्सी ऑनर्स एसोसिएशन को डीजल टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से हटाने को लेकर पुख्ता रोडमैप तैयार करने के लिए कहा है।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हमारा मानना है कि डीजल वाहन अधिक प्रदूषण करते हैं। हम सही भी हो सकते है या गलत भी हो सकते हैं। लिहाजा हम अपने पूर्व आदेश पर पुनर्विचार कर सकते हैं। शीर्ष अदालत ने इस ओर भी इशारा किया कि सभी डीजल वाहनों पर उसकी कीमत के हिसाब से पर्यावरण उपकर लगाया जा सकता है।