हाईकोर्ट ब्लास्ट मामले में दोषी जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ निवासी नाबालिग की याचिका पर बचाव पक्ष ने सोमवार को अपनी बहस पूरी कर दी। बचाव पक्ष की दलील है कि पुलिस नाबालिग दोषी को इस पूरी साजिश के साथ जोड़ नहीं पाई है।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश पंडित के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता मेहमूद प्राचा ने कहा कि उनके मुवक्किल केखिलाफ पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं है। जिस ई-मेल के आधार पर उसके खिलाफ मुकदमा बनाया था वह किस कंप्यूटर से और कहां से भेजा गया था, इसकी फोरेंसिक रिपोर्ट पुलिस ने कोर्ट में पेश नहीं की है।
यह ई-मेल धमाकों के दो घंटे बाद भेजा गया था। कोर्ट में बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस ने धमाकों के कई दिन बाद जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ स्थित एक साइबर कैफे में लगे कंप्यूटर हार्ड डिस्क बरामद की थी।