टीआई को सूचित करने को ही जाम की कॉल के रिकॉर्ड में शामिल कर लिया जाता है। किसानों के 13 फरवरी को दिल्ली कूच के दिन जाम की 89 कॉल आईं थीं, जबकि आम दिनों में ये 40 से 45 रहती हैं।
अब ट्रैफिक पुलिस गूगल मैप देखकर खुद जाम की स्थिति के बारे में संबंधित सर्किल ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) को सूचित करती है। टीआई को सूचित करने को ही जाम की कॉल के रिकॉर्ड में शामिल कर लिया जाता है। किसानों के 13 फरवरी को दिल्ली कूच के दिन जाम की 89 कॉल आईं थीं, जबकि आम दिनों में ये 40 से 45 रहती हैं।
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ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, दिल्ली में जाम होने पर लोग हेल्पलाइन नंबर, व्हाट्सएप, एक्स, गूगल मैप और फेसबुक आदि तरीके से पुलिस को जाम की सूचना देते हैं। इसके बाद संबंधित टीआई को मौके पर भेजकर जाम खुलवाया जाता है।
इन माध्यमों के अलावा यातायात पुलिस खुद भी जाम पर नजर रखती है। पुलिस गूगल मैप देखती है, जहां लाल रंग 7 से 9 मिनट के बीच दिखाता है, उसे जाम की सूचना में डाल दिया जाता है। इसके बाद टीआई को मौके पर जाने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा लोग भी गूगल पर बॉक्स में नोट करा देते हैं। जाम की ये सूचना गूगल पर दिखने लग जाती है।