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हाईकोर्ट ने रद्द की केजरीवाल के 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति, जा सकती है विधायकी

Thu, 08 Sep 2016 12:55 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
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आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद्द कर दी है। इसके साथ ही इन सचिवों की सदस्यता जाने का खतरा और बढ़ गया है क्योंकि अदालत ने उनके पदों को लाभ का पद माना है।
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शुरु से ही आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा अपने 21 व‌िधायकों को संसदीय सचिव का पद दिया जाना विवादों में रहा है। 

क्या है मामला?
13 मार्च, 2015 को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को मंत्रियों के संसदीय सचिव बनाने की घोषणा की और नोटिफिकेशन जारी कर दिया, जबकि अब तक दिल्ली में सीएम के संसदीय सचिव का पद ही हुआ करता था, मंत्रियों के संसदीय सचिव के पद नहीं थे।

कानून संशोधन करके क‌िया व‌िधायकों को स‌च‌िव बनाने का प्रयास

केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
24 जून, 2015 को केजरीवाल सरकार ने दिल्ली विधानसभा में कानून संशोधन करके मंत्रियों के संसदीय सचिव के पद को लाभ के पद से बाहर निकालने का प्रयास किया। 13 जून, 2016 को राष्ट्रपति ने इस बिल को ख़ारिज करके लौटा दिया। इस बीच प्रशांत पटेल नाम के वकील ने राष्ट्रपति के पास एक याचिका दायर की, जिसमें शिकायत की गई कि आम आदमी पार्टी के 21 विधायक दिल्ली में लाभ के पद पर हैं इसलिए इनकी विधायकी रद्द होनी चाहिए। राष्ट्रपति ने ये याचिका चुनाव आयोग को भेजी और इस पर कार्रवाई करके रिपोर्ट देने को कहा।

मार्च, 2016 में चुनाव आयोग ने 21 विधायकों को नोटिस भेजकर पूछा था कि आखिर वो कैसे लाभ के पद के दायरे में नहीं आते और क्यों उनकी विधायकी रद्द ना हो। 10, मई 2016 को 'आप' विधायकों ने अपना जवाब चुनाव आयोग को भेजा और बताया कि उन्होंने किसी तरह से कोई दफ़्तर, गाड़ी, वेतन भत्ता आदि सरकार से नहीं लिया, इसलिये वो लाभ के पद के दायरे में नहीं आते।

विधानसभा में मिला हुआ है दफ़्तर
आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों ने पहले दावा किया था कि उनको संसदीय सचिव के तौर पर कोई ऑफिस नहीं मिला है, लेकिन बाद में ये बात साफ़ हो गई कि विधायकों को संसदीय सचिव के तौर पर विधानसभा के अंदर दफ़्तर के लिए कमरे मिले थे। इस बात को विधानसभा रामनिवास गोयल ने माना और कहा कि हां कमरे उन्होंने ही दिए हैं, ये लाभ के पद के दायरे में नहीं आते क्योंकि ये सरकार ने नहीं विधानसभा ने दिए हैं।
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ये हैं वो 21 व‌‌िधायक

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
संसदीय सचिव होने के नाते इन सभी 21 विधायकों पर लटकी है तलवार
1. जरनैल सिंह, राजौरी गार्डन
2. जरनैल सिंह, तिलक नगर
3. नरेश यादव, मेहरौली
4. अल्का लांबा, चांदनी चौक
5. प्रवीण कुमार, जंगपुरा
6. राजेश ऋषि, जनकपुरी
7. राजेश गुप्ता, वज़ीरपुर
8. मदन लाल, कस्तूरबा नगर
9. विजेंद्र गर्ग, राजिंदर नगर
10. अवतार सिंह, कालकाजी
11. शरद चौहान, नरेला
12. सरिता सिंह, रोहताश नगर
13. संजीव झा, बुराड़ी
14. सोम दत्त, सदर बाज़ार
15. शिव चरण गोयल, मोती नगर
16. अनिल कुमार बाजपई, गांधी नगर
17. मनोज कुमार, कोंडली
18. नितिन त्यागी, लक्ष्मी नगर
19. सुखबीर दलाल, मुंडका
20. कैलाश गहलोत, नजफ़गढ़
21. आदर्श शास्त्री, द्वारका
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