कोरोना वायरस आंखों के जरिए भी फैल सकता है। अभी तक विशेषज्ञों का मानना था कि मुंह और नाक के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश करता है। इसलिए लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी जा रही थी लेकिन अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी का अध्ययन सामने आ चुका है जिसे लेकर दिल्ली के नेत्ररोग विशेषज्ञों ने भी लोगों को सचेत रहने की अपील की है।
आई 7 के निदेशक डॉ. संजय चौधरी का कहना है कि यदि कोई संक्रमित व्यक्ति नजदीक होकर खांसता या छींकता है तो कोविड नाक और मुंह के साथ आंखों के जरिए भी दूसरे व्यक्ति को बीमार बना सकता है। वहीं मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार बताते हैं कि आंखों के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश करने के वैज्ञानिक अध्ययन आ चुके हैं।
हालांकि इसे लेकर लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है लेकिन उन्हें बचाव जरूर करना चाहिए। वहीं अस्पताल के ही ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सुरेश का कहना है कि कानों के जरिए वायरस के प्रवेश पर अब तक कोई वैज्ञानिक अध्ययन सामने नहीं आया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के अध्ययन लोगों को सचेत करने के लिए होते हैं।
उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। डॉ. चौधरी का कहना है कि आज के समय में सोशल डिस्टैसिंग सबसे बड़ा हथियार है। इसे लोगों को अपने व्यवहार में लाना ही होगा। अध्ययन में पाया गया कि छींकने या खांसने से बाहर निकलने वाली छोटी बूंदे एरोसोल कणों को बनाने के लिए तेजी से फैल जाती हैं। बार बार हाथ धोना, सोशल डिस्टैसिंग, और चेहरे को अच्छी तरह से कवर करना ही बेहतर है। लोगों को यह ध्यान देना चाहिए कि मास्क नाक तक कवर होना चाहिए।