भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने हाल ही में घोषित बेरोजगारी भत्ते के नाम पर युवाओं को ठगा है। राठौड़ ने यहां संवाददाताओं से कहा, वादा किया था कि राजस्थान के शिक्षित बेरोजगारों को 3500 रुपये भत्ता देंगे। दिसंबर 2018 में सीएमआईआई का जो सर्वे आया उसके अनुसार राजस्थान में हर छठा व्यक्ति बेरोजगार है।
इसके आधार पर राजस्थान में बारहवीं पास युवकों की संख्या 33 लाख है। अगर इन सभी 33 लाख युवकों को सरकार 3500 रुपये प्रति माह दे तो राज्य सरकार पर 1166 करोड़ रुपये भार आएगा। राठौड़ के अनुसार लेकिन राज्य सरकार ने अपनी घोषणा में इतने 'किंतु परंतु' लगाए हैं कि अब केवल 24 करोड़ रुपये यानी दो करोड़ रुपये प्रति माह का भार सरकार पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, राजस्थान की सरकार ने एक तरह से बेरोजगारों को ठगने का काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में स्वाइन फ्लू से हो रही मौतों व कड़ाके की सर्दी में भी सिंचाई के लिए रात में ही बिजली आपूर्ति किए जाने का भी मुद्दा उठाया। राठौड़ ने संसद में शुक्रवार को पेश अंतरिम बजट को गरीब, किसान और देश के नौजवानों के सपनों व आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट करार दिया।