आज पंजाबी भाषा की इतनी बेकद्री हो रही है कि पंजाबी ही पंजाबी बोलने में शर्म करते हैं। यह कहना है मशहूर कॉमेडियन गुरप्रीत गुग्गी का। वे टैगोर थियेटर सेक्टर-18 में चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन की ओर से आयोजित चंडीगढ़ पुलिस के अभिनंदन समारोह में स्पेशल गेस्ट और परफार्मेंस के लिए पहुंचे थे।
समारोह में चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन ने चंडीगढ़ पुलिस के सराहनीय कार्य और पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गवर्नर एवं यूटी प्रशासक शिवराज पाटिल थे। इसके अलावा प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा, गृह सचिव अनिल कुमार, आईजी आरपी उपाध्याय, डीआईजी सीएस चीमा सहित पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
इस मौके पर प्रशासक ने चंडीगढ़ पुलिस की ‘कॉफी टेबल बुक ऑफ चंडीगढ़ पुलिस’ का विमोचन किया। इस बुक में 1966 से लेकर अब तक की चंडीगढ़ पुलिस की उपलब्धियां, उनके कार्य और सिटीजन के गाइडेंस के लिए फोटो प्रकाशित की गई हैं।
‘इस प्रोग्राम लई मैंनू डीएसपी राशन लाल जी ने रोज फोन करके याद करवाया, ते रोज पूछदे सी गुग्गी ठीक हैं’..। ते आज फिर डीएसपी ने सुबह फोन किता, कहा, गुग्गी ठीक है न, अज शाम तक ठीक ही रहीं। माइक थामकर चंडीगढ़ पुलिस महकमे की मेहमान नवाजी पर इस मजाक के साथ तमाम दर्शकों को हंसी से लोटपोट किया मशहूर कामेडियन गुरप्रीत गुग्गी ने।
आंटी ऊषा, जे मैं पापे नूं इथे लांदा न...
77 साल की उम्र में पंजाबी फोक डांस कर पंजाबी मुटियार ऊषा शर्मा का गिद्दा देखकर कामेडियन गुरप्रीत गुग्गी ने हंसते हुए कहा, कि ‘अंटी ऊषा, जे मैं पापे नूं इथे लांदा न, ते अज मेरी मम्मी दे कुटाई होंदी’। चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के चार सदस्यों ने मंच पर धमाल मचाया। इसमें बसंत ने गीत ‘दो बूंदें सावन की’ गाया। वहीं सतीश ने ‘बदन पे सितारे लपटे हुए’ गीत पर अपने संग स्टेज पर बुजुर्गों को नाचने पर मजबूर कर दिया।
‘जागो लोगों जागो’ नाटक का मंचन
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की जानकारी इस बार मंच के माध्यम से दी। ट्रैफिक कर्मचारियों ने स्टेज पर ‘जागो लोगों जागो’ नाटक का मंचन किया। इसमें शराब पीकर वाहन न चलाना और अभिभावकों को बच्चों को वाहन सही उम्र में देने की सलाह दी गई। वहीं रगंमंच थियेटर ग्रुप ने ‘अनचाही’ नाटिका में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को दर्शाया। इसमें महिलाओं को अपने हक में खुद आवाज बुलंद करने का संदेश दिया।
फिर शुरू हुई गुग्गी की कामेडी
कामेडियन गुरप्रीत गुग्गी की कामेडी का थियेटर में बैठे हर दर्शक को बेसब्री से इंतजार था। गुग्गी ने भी मंच पर आते ही अपने स्टाइल से समां बांधा। उन्होंने आते ही चंडीगढ़ पुलिस को सेल्यूट किया। इसमें उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस जैसे कोई नहीं है, जिसने मेरा दो बार चालान काटा। डीआईजी चीमा को हंसता देख गुग्गी ने पूछ डाला ‘चीमा साहब हुण ऑक्सीजन चंडीगढ़ आकर मिल रही है, दिल्ली च तां मिलदी नहीं होनी’।
गुग्गी को डीआईजी से जवाब भी हंसते हुए ‘हां’ में मिला। फिर बारी आई लोगों के कॉमन आईक्यू की। इसमें एक बार फिर गुग्गी ने डीएसपी रोशन लाल की बात पर कहा, डीएसपी रोशन लाल ‘मैंनूं देख कर कहंदे, आ गए तुसी। मैंने कहा, नहीं जी अजे रास्ते च हां’।
गुग्गी जब तक मंच पर रहे दर्शकों को खूब हंसाया, लेकिन अंत में उन्होंने बुजुर्गों से खुद का सम्मान पहले खुद करने के लिए आग्रह किया। गुग्गी ने पंजाब में बुजुर्गों के प्रति हो रहे निरादर के बारे में जिक्र किया। साथ ही पंजाब में पंजाबी बोली, भाषा के प्रति पंजाबियों के रवैये को बताया कि अब पंजाबी ही पंजाबी बोलने में शर्म महसूस करते हैं।