पुराना नुमाइश मैदान में सजीं आतिशबाजी की दुकानें।
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छोटी दीपावली पर बुधवार को शहर के गली-कूचों से लेकर जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित किए गए पुराना नुमाइश मैदान में आतिशबाजी की दुकानें सजीं।
इस बार लोग धमाकेदार पटाखों से दूरी बनाए हुए हैं। पटाखों को खरीदने के लिए देररात तक शहर के पुराने नुमाइश मैदान में लोगों की भीड़ जुटी रही। सतरंगी फुलझड़ी एवं लैलामजनू चार चांद लगाएंगे। रंग-बिरंगी फुलझड़ियां व रंग-बदलने वाली छुरछुरिया से दुकानें पटी पड़ी हैं। गोल्डन अनार व बुलेट बम की सबसे अधिक मांग है। लोग आवाज के बजाय रोशनी करने वाली आतिशबाजी को तरजीह दे रहे हैं।
एसपी संजीव त्यागी ने थानेदारों को निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में भीड़भाड़ वाले इलाकों में आतिशबाजी न बिकने दी जाए। अगर किसी क्षेत्र में कोई अनहोनी घटना होती है तो उसका जिम्मेदार संबंधित थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी होगा। उन्होंने जिले की जनता शांति एवं उत्साह के साथ दीपावली पर्व बनाने की अपील की है।
देशी पटाखों का क्रेज बरकरार
यूं तो आधुनिक पटाखों से बाजार पटा पड़ा है, मगर देशी पटाखों का क्रेज कम होता नहीं दिख रहा है। दुकानदार रामू कहते हैं कि जलेबी, चकरी, देशी अनार, चक्की, सांप, मिर्ची बम व फुलझड़ी बच्चों की पहली पसंद हैं।
जीएसटी का दिख रहा असर
जीएसटी का असर पटाखा व्यवसाय पर दिख रहा है। दुकानदारों के मुताबिक इस बार पटाखे खरीदने के लिए 28 फीसदी अधिक दाम चुकाना पड़ा। जीएसटी लागू होने से पटाखों के दामों में इजाफा हुआ है। इसका असर बिक्री में भी दिख रहा है। लोग कम से कम आतिशबाजी खरीदकर काम चला रहे हैं।