शहर में लगने वाला जाम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। बाईपास न होने के कारण सर्कुलर रोड ही आवागमन का एक रास्ता बचता है। ऐसे में इस रोड पर जाम के हालात बहुत खराब होते हैं। एक बार जाम लग जाए, तो घंटों बाद ही खुलता है। सबसे ज्यादा परेशानी गल्ला मंडी पहुंचने वाले किसानों को होती है। अनाज के साथ जाम में फंसे रहते हैं। कई बार तो उन्हें अपने गांव वापस लौटना पड़ता है। किसानों का कहना है कि जब तक बाईपास नहीं बनेगा, तब तक समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
जिले में सैकड़ों गांव हैं। जहां का किसान अपना अनाज लेकर गल्ला मंडी आता है। गल्ला मंडी अमापुर रोड पर होने के कारण अधिकतर किसानों को सर्कुलर रोड से होकर ही गुजरते हैं। लेकिन इस रोड पर घंटों जाम लगने के कारण किसानों को परेशानी होती है। कई बार तो इतना जाम लग जाता है कि किसान गल्ला मंडी जाने के बजाय अपने गांव लौटना ही मुनासिब समझते हैं। जाम में फंसने वाले लोगों के मुंह से बस यही निकलता है कि जब तक बाईपास रोड नहीं बनेगा, इस जाम से निजात नहीं मिल सकती।
इन गांव के किसान गुजरते हैं सर्कुलर रोड से
नगर की गल्ला मंडी अमापुर रोड पर बनी है। मंडी तक पहुंचने का एक मात्र रास्ता सर्कुलर रोड है। ढोलना क्षेत्र के गांव छावनी, इटउआ, बरखुरदारपुर, महावर, जखेरा, धनतोरिया, सोरों रोड क्षेत्र के गोरहा, मामों, भिटोना, सिंकदराराऊ मार्ग पर पड़ने वाले गांव अथैया, पथरेकी, मोहनपुरा, पिवारी, बेरी कांतोर सहित कई अन्य गांव के किसान भी इसी मार्ग से होकर ही गल्ला मंडी आते-जाते हैं।
किसानों के वर्जन
बाईपास बन जाने से किसानों को काफी राहत मिल सकती है। उन्हें मंडी तक आने-जाने में आसानी हो जाएगी। -करन सिंह किसान
मार्ग पर जाम से निजात दिलाने को बाईपास मार्ग का होना जरूरी है। किसानों को जाम लगने पर मंडी तक पहुंचने में काफी देर लगती है। -राम किेशोर किसान
बस स्टेंड पर लगाया शिविर
कासगंज। बाईपास की मांग को लेकर बस स्टेंड के निकट शिविर लगाया गया। शिविर के दौरान काफी संख्या में लोगों ने पहुंच कर अपने हस्ताक्षर कर बाईपास निर्माण अभियान को समर्थन किया। इस दौरान माधव तिवारी, शनि प्रकाश शर्मा, जुबैर अहमद, इसरार हुसैन अंसारी आदि मौजूद रहे।
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