वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा प्रस्तुत किया गया आम बजट किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाले रहा। किसानों का कहना है कि बजट ग्रामीणों और किसानों के लिए बड़ी सौगात लेकर आया है।
किसानों ने फसल बीमा में केंद्र का हिस्सा बढ़ाने, कर्ज देने और रोजगार के अवसर मुहैया कराने के वादे को सराहा। ग्रामीण विकास कार्यों के लिए मनरेगा के तहत 48 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान करने पर किसान खुश नजर आए।
पहली बार किसी सरकार ने बजट के माध्यम से कृषि की बेहतरी के बारे में विचार किया है। बजट में 10 लाख करोड़ रुपये किसानों को कर्ज के तौर पर दिए जाने की बात कही गई है। उम्मीद है कि यह घोषणा हकीकत में तब्दील होगी।
हमारी मांग है कि सरकार बैंकों को निर्देश दे कि वे किसानों को नाहक परेशान न करें, जिससे किसान आसानी से कर्ज ले सकें। -डीके शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा किसान संघर्ष समिति