विधानसभा चुनाव के लिए जारी भाजपा के संकल्प पत्र और 2012 के चुनाव के लिए जारी किए गए घोषणापत्र काफी कुछ एक ही जैसे हैं। 60 प्रतिशत वादों में सिर्फ शब्दों का हेरफेर किया गया है।
विज्ञापन
महिलाओं, कन्याओं, गरीब परिवारों के लिए गरीब कल्याण कार्ड जैसे कुछ नए वादे जुड़े हैं लेकिन अन्य वादों में सिर्फ या तो कुछ जोड़ा गया है या नाम बदल दिए गए हैं। पिछली बार के घोषणा पत्र में मुसलमानों के लिए उर्दू के विकास सहित कई वादे किए गए थे।
इस बार उनके लिए अलग से कोई वादा नहीं है। अलबत्ता प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर मुस्लिम महिलाओं के सम्मान की सुरक्षा और तीन तलाक के मसले पर सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी पैरवी जैसी नई बात जोड़ दी गई है।
विज्ञापन
प्रत्येक गरीब परिवार की भाग्य लक्ष्मी योजना के तहत बेटी के जन्म पर 50 हजार का विकास बॉण्ड देने का वादा किया गया है। साथ ही बेटी के कक्षा 6 में पहुंचने पर 3 हजार, कक्षा 8 में पहुंचने पर 5, कक्षा 10 में पहुंचने पर 7 और कक्षा 12 में पहुंचने पर 8 हजार रुपये सालाना देने का वादा भी है।
यह भी वादा किया गया है कि बेटी के 21 वर्ष का होने पर उसे दो लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा गरीब परिवार को बेटी के जन्म पर 5001 रुपये मां को देने की बात भी कही गई है।
दस नए विश्वविद्यालय खोलने का वादा
अमित शाह (फाइल फोटो)
पिछली बार भाजपा ने किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने का वादा किया था। इस बार लघु एवं सीमांत किसानों के सभी फसली ऋण माफ करने का संकल्प जताया गया है।
पशुओं के अवैध कत्लखानों को पिछली बार भी बंद करने की प्रतिबद्धता जताई गई थी, वही बात इस बार भी कही गई है। सिंचाई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये से कोष स्थापित करने की बात नई है। किसानों को सस्ती और 24 घंटे बिजली का जो वादा पिछली बार था, वह इस बार भी है।
भाजपा ने 2012 में वादा किया था कि सरकार बनी तो वह प्रदेश में दस नए विश्वविद्यालय खोले जाएंगे। इस बार भी पार्टी ने इसे दोहराया है। पिछली बार सरकार बनने पर प्रदेश में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के नाम पर हिंदी विश्वविद्यालय स्थापित करने का वादा किया गया था।
इस बार, मालवीय के नाम पर ही संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की बात कही गई है। शिक्षा मित्रों, शिक्षकों, संस्कृत शिक्षकों के लिए भी किए गए वादे पुराने हैं। नया सिर्फ यह है कि पिछली बार इंटर पास छात्रों को 5000 रुपये में लैपटॉप देने की बात कही गई थी।
इस बार, कॉलेज में दाखिला लेने वाले हर छात्र को मुफ्त देने व एक वर्ष तक 1 जीबी का मुफ्त इंटरनेट डाटा देने की बात है। साथ ही प्रदेश में लगने वाले हर उद्योग में 90 प्रतिशत नौकरियां प्रदेश के युवाओं के लिए आरक्षित करने का वादा किया गया है।
ज्यादा शहरों में मेट्रो का वादा
अमित शाह
पिछली बार चार एम्स का था, इस बार संख्या उसे छह कर दिया गया है। वहीं चिकित्सालयों के उच्चीकरण की जगह 25 नए मेडिकल कॉलेज बनाने के वादे ने ले ली है।
पिछली बार प्रत्येक ब्लाक में एक बड़े अस्पताल का वादा हुआ था तो इस बार हर ब्लाक में जेनेरिक दवाखाने खोलने और हर गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र की बात है।
पिछली बार रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर पुलिस बटालियन बनाने का वादा था, जो इस बार अवंती बाई, झलकारी बाई और ऊदा देवी के नाम से हो गया है। पिछली बार व्यापारियों के लिए ‘व्यापारी कल्याण आयोग’ का वादा था तो इस बार ‘भामाशाह कल्याण बोर्ड’ बनाने की बात कही गई है।
पिछली बार भाजपा ने लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, आगरा में मेट्रो का वादा किया था। इस बार लखनऊ व कानपुर में इस सेवा के विस्तार के साथ इलाहाबाद, आगरा व वाराणसी के साथ गोरखपुर, झांसी और गाजियाबाद में मेट्रो की बात है।
सभी शहरों के प्रमुख स्थलों पर वाईफाई की सुविधा और प्रदेश के सभी 6 क्षेत्रों अवध, कानपुर, गोरखपुर, काशी, बृज व पश्चिम में छह नए एयरपोर्ट बनाने और इन क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने का वादा किया गया है।
2012 में भाजपा ने युवा अधिवक्ताओं को पहले तीन साल आर्थिक सहायता की बात कही थी। तब 10 लाख रुपये तक बीमा और 500 करोड़ रुपये से ‘अधिवक्ता कल्याण निधि’ की की बात थी।
इस बार, युवा अधिवक्ताओं को पहले तीन साल प्रति वर्ष 5 हजार रुपये की मदद देने की बात कही गई है। अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख करने और अधिवक्ताओं की मृत्यु पर उनके परिवार को मिलने वाली सहायता राशि के लिए आयु सीमा बढ़ाकर 70 वर्ष करने का वादा है।