जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में बड़ा बदलाव आया है, क्योंकि लेफ्ट के लाल किले में पहली बार आम आदमी पार्टी से अलग हुए योगेंद्र यादव के स्टूडेंट फॉर स्वराज ने बाजी मारी है।
स्कूल ऑफ लैंग्वेज के काउंसलर पद पर दिलीप कुमार नाम के प्रत्याशी ने आइसा के बीच प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर दी है। जेएनयू को लेफ्ट पार्टियों का गढ़ माना जाता है।
क्योंकि वहां वामपंथी संगठनों से जुड़े प्रत्याशी ही छात्रसंघ में परचम लहराते रहे हैं। वामपंथी विचारधारा के चलते अभी तक एबीवीपी और एनएसयूआई कभी भी सेंट्रल पैनल पर काबिज नहीं हो पाए थे।