दिल्ली विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति प्रो. दिनेश सिंह का कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद नए कुलपति की खोज के लिए हलचल शुरू हो गई है।
दरअसल बीते अगस्त नए कुलपति के लिए निकाले गए विज्ञापन को डीयू प्रशासन ने एक बार फिर से अपलोड किया है। कहा जा रहा है कि ऐसा किसी खास को लाभ पहुंचाने के लिए हो रहा है।
ज्ञात हो वर्तमान में समकुलपति प्रो. सुधीश पचौरी कार्यवाहक कुलपति केरुप में काम संभाले हुए हैं। अगस्त में निकाले गए विज्ञापन में पद के लिए 30 दिनों के भीतर आवेदन करने की बात कही गई थी।
दोबारा विज्ञापन निकाले जाने पर शिक्षक सवाल खड़े कर रहे हैं। एकेडमिक काउंसिल सदस्य हंसराज सुमन कहते हैं कि ऐसा लग रहा कि कि किसी खास को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया है।
दरअसल कुलपति के लिए बतौर प्रोफेसर दस वर्ष का अनुभव अनिवार्य है, संभव है कि किसी के दस वर्ष पूरे होने में समय शेष हो, जिससे कि वह आवेदन की दौड़ में शामिल हो जाए।
मालूम हो कि कुलपति की नियुक्ति सर्च कमेटी द्वारा सिफारिश किए गए नामों के एक पैनल से की जाएगी। जिस पर राष्ट्रपति मोहर लगाएंगे।