देश भर में अब स्कूल अपने यहां शिक्षकों की भर्ती के लिए उनके प्रमाणपत्र का सत्यापन ऑनलाइन कर सकेंगे। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीटीईटी) के लिए जारी होने वाले प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन सत्यापन प्रणाली शुरू की है। यह प्रणाली शुरू होने से स्कूल भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का सारा सत्यापित रिकॉर्ड देख सकेंगे। स्कूलों को मैन्युअल वेरिफिकेशन कराने की आवश्यकता नहीं रहेगी। यह व्यवस्था फरवरी 2015 के बाद जारी होने वाले प्रमाणपत्रों पर लागू होगी।
सीटीईटी परीक्षा पास करने के बाद सीबीएसई द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। अब सीबीएसई ने हाईटेक होते हुए इस प्रमाण पत्र को भी हाईटेक बना दिया है। अब इस प्रमाणपत्र दायें कोने के शीर्ष पर एक ग्लोबल डॉक्यूमेंट टाइप आइडेंटीफॉयर के रूप में जीएस 1 क्यू आर कोड प्रिंट करेगी।
इस जीएस 1 क्यू आर का प्रमाणपत्र पर होने से यह लाभ होगा कि जब इसे मोबाइल क्यू आर कोड स्कैनर से स्कैन किया जाएगा। वैसे ही इस प्रमाणपत्र से संबंधित जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। सीबीएसई अधिकारियों के मुताबिक इस क्यू आर कोड को स्कैन करते ही प्रमाणपत्र पर उपलब्ध उम्मीदवार का नाम, फोटोग्राफ, रोल नंबर, जारी करने की तिथि, प्राप्त किए गए अंकों का ब्योरा मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगा।
इस सुविधा का लाभ शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ भर्ती एजेंसी भी ले सकती है। मैन्युअल वेरिफिकेशन की सुविधा केवल फरवरी 2015 से पहले जारी होने वाले प्रमाणपत्र पर ही लागू होगी। जबकि उसके बाद जारी होने वाले प्रमाणपत्रों के लिए ऑनलाइन सत्यापन ही मान्य होगी।
शैक्षणिक संस्थानों को अपने यहां शिक्षकों की भर्ती के लिए सीटीईटी प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन के लिए सर्वप्रथम मोबाइल पर क्यू आर कोड स्कैनर ऐप्लीकेशन को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद प्रमाणपत्र पर मौजूद क्यू आर कोड को स्कैन करना होगा। क्यू आर कोड स्कैन करने के बाद एक लिंक उपलब्ध होगा जिस पर क्लिक करने पर प्रमाणपत्र की जानकारी देखी जा सकेगी।