उत्तराखंड के इंजीनियरिंग कॉलेजों को उत्तराखंड तकनीकी विवि (यूटीयू) की बीटेक काउंसिलिंग का दूसरा चरण भी राहत नहीं दे पाया। दूसरे चरण में केवल 1714 सीटें अलॉट हुई हैं। पहले चरण में यह संख्या इससे भी कम थी।
यूटीयू की ओर से इन दिनों इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए बीटेक काउंसिलिंग आयोजित कराई जा रही है। दूसरे चरण के लिए 10 अगस्त तक च्वाइस भरी गई।
विवि ने 13 अगस्त को सीटें अलॉट कीं, जिन पर रविवार से एडमिशन शुरू हो गए। पहले दिन करीब 200 छात्रों ने एडमिशन लिया। 18 अगस्त तक छात्र अलॉट सीट पर एडमिशन ले सकते हैं। माना जा रहा है कि बीटेक काउंसिलिंग के पहले चरण में करीब 1300 और दूसरे चरण में 1714 मिलाकर करीब तीन हजार एडमिशन ही होने की उम्मीद है।
तकनीकी विवि के कॉलेजों में बीटेक की 11800 सीटें हैं। ऐसे में इस साल करीब आठ हजार सीटें खाली रहने की आशंका जताई जा रही है। तमाम कॉलेज तो ऐसे हैं, जिनमें प्रथम या दूसरे चरण में एक भी सीट अलॉट ही नहीं हुई हैं। इन कॉलेजों में छात्र रुचि ही नहीं दिखा रहे हैं।
यह बात अलग है कि सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रों की सबसे ज्यादा भीड़ है। माना जा रहा है कि अब सरकार की ओर से डायरेक्ट एडमिशन का आदेश जारी होने के बाद ही कॉलेजों को कुछ राहत मिल सकती है। यूटीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशीष उनियाल ने कहा कि वे जल्द ही शासन को डायरेक्ट एडमिशन के लिए पत्र भेजेंगे।