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UTU ने बिना सिलेबस ही बना दिए सेमेस्टर एग्जाम पेपर

Mon, 11 Jan 2016 12:07 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की अब तक हुई सेमेस्टर परीक्षाओं में करीब 70 प्रतिशत पेपर आउट ऑफ सिलेबस आए हैं।
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मामला बढ़ा तो विवि ने कॉलेजों से सिलेबस का विवरण मांगा है। छात्रों का कहना है कि इसका मतलब तो यह हुआ कि विवि ने बिना सिलेबस पढ़वाए ही पेपर बनवा दिए। अब छात्र सभी परीक्षाओं में आसान मूल्यांकन कराने की मांग कर रहे हैं।

यूटीयू की पहले बीटेक की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हुईं, इसके बाद प्रोफेशनल कोर्सेज की परीक्षाएं शुरू हुईं। सभी परीक्षाओं में रोजाना एक कॉमन समस्या पेपर के आउट ऑफ सिलेबस होने की सामने आई। कई बार ऐसा हो चुका है, जबकि विवि ने दो-दो बार परीक्षा के दौरान ही पेपर चेंज किए।
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इससे छात्र परेशान हैं। एक कॉलेज से मिली जानकारी के मुताबिक विवि ने हाल ही में सभी कॉलेजों को पत्र भेजकर सिलेबस का विवरण मांगा है। विवि की योजना है कि फरवरी में बैठक कर सिलेबस की समस्याओं को दूर किया जाए। कॉलेज संचालकों और छात्रों का आरोप है कि पेपर के लगातार सिलेबस से बाहर का होना, विवि की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।

इससे लग रहा है कि विवि ने बिना सिलेबस पढ़वाए ही पेपर बनवा दिए। कुछ छात्रों ने विवि से अब तक हुई सभी परीक्षाओं में लूज मार्किंग की मांग की है।

रोजमर्रा का ढर्रा बना ई-मेल
यूटीयू में परीक्षाओं का आलम यह है कि ई-मेल से प्रश्नपत्र भेजना रोजमर्रा की बात हो गई है। एक कॉलेज की प्रिंसिपल ने बताया कि बीते दस दिन में हुई परीक्षाओं में 50 प्रतिशत प्रश्नपत्र ही उन्हें पैकेट से मिले हैं। बाकी सभी प्रश्नपत्र विवि की ओर से ई-मेल से भेजे जा रहे हैं। इनका प्रिंट निकालकर छात्रों में बांटा जा रहा है।

यूटीयू इससे सीखे
बेहद कम अधिकारियों, कर्मचारियों और संसाधनों के बीच कैसे परीक्षा कराई जाती है, इसकी बानगी पेश की है श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने। श्रीदेव सुमन विवि हर साल करीब डेढ़ लाख छात्रों की प्राइवेट और प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाएं कराता है।

बावजूद इसके सभी प्रश्नपत्र नियमों के हिसाब से सील पैकेट में भेजे जाते हैं। एक भी दिन ऐसा नहीं हुआ, जब कोई पेपर आउट ऑफ सिलेबस हो और विवि को वापस लेकर ई-मेल से भेजना पड़ा हो।
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विवि के जो सिलेबस अपडेट बोर्ड ऑफ स्टडी ने हर तीसरे साल तैयार किए थे, वह कॉलेजों तक कम्यूनिकेट नहीं हो पाया है। विवि का यह तर्क सही है कि अपडेट सिलेबस के हिसाब से प्रश्नपत्र परीक्षा में आ रहे हैं। लेकिन कॉलेजों को इसकी जानकारी नहीं है। वह पुराने पैटर्न पर चल रहे हैं। यह परेशानी प्रोफेशनल कोर्सेज में ज्यादा आई है। फरवरी से इसे दूर कर दिया जाएगा।
- प्रमोद कुमार जोशी, कुलसचिव एवं प्रवक्ता, यूटीयू
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