उत्तराखंड के किसी भी कोने में स्थित स्कूल की लोकेशन के बारे में अब ऑनलाइन जानकारी हासिल की जा सकेगी।
राज्य सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग ने उत्तराखंड के 30 हजार स्कूलों की मैपिंग करवा ली है। मैप जियो पोर्टल में डाल दिया गया है। इसके अलावा वन भूमि, रोड नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम की भी मैपिंग की गई है। चारधामों का भी चित्रण कराया गया है। सर्वे ऑफ इंडिया की तुलना में विभाग ने प्रदेश की अधिक बारीकी से मैपिंग कराई है।
विभाग के सचिव दीपक कुमार ने बताया कि मैपिंग में स्कूलों की लोकेशन के अलावा मुख्य सड़क, लिंक मार्ग से स्कूलों की दूरी भी बताई गई है। इससे लोगों को स्कूलों के संबंध में जानकारी हासिल करने में आसानी रहेगी। इसे जियो पोर्टल से जोड़ दिया गया है। प्रदेश की मैपिंग 1:10,000 स्केल पर कराई गई है। अब 1:40,000 स्केल पर मैपिंग कराए जाने की तैयारी की जा रही है।
सचिव ने बताया कि इसके साथ ही उत्तराखंड के रोड नेटवर्क, जल संसाधन, भू उपयोग, वनों से आच्छादित वनों की भी मैपिंग हुई है। प्रदेश के छह शहरों में हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर सेंटर और अनाधिकृत रूप से बसी आबादी की भी मैपिंग हुई।
इसका रिकार्ड नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद को भेज दिए गए हैं। मैपिंग का परीक्षण करने के बाद प्रदेश के चमोली और चंपावत जिले को भुवन पोर्टल से जोड़ दिया गया है। इन जिलों के संबंध में पोर्टल पर जाकर जानकारी ली जा सकती है।