पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में ड्राइवर और गार्ड बिना वॉकी टॉकी के ट्रेन चलाने को मजबूर हैं। हालत यह है कि कार्यरत 406 गार्डों में महज 25 प्रतिशत के पास ही वॉकी टॉकी हैं। सबसे ज्यादा समस्या तब होती है, जब घने कोहरे में गाड़ी लेकर जाना पड़ता है।
ऐसे मौके पर मोबाइल का नेटवर्क काम नहीं करता लेकिन वीएचएफ (वेरी हाई फ्रिक्वेंसी सेट, वॉकी टॉकी) के होने से ड्राइवर -गार्ड को कोई असुविधा नहीं होती है। एक ओर जहां वॉकी टॉकी का टोटा है वहीं दूसरी ओर ड्राइवर-गार्ड आपस में मोबाइल से बात कर किसी तरह गाड़ी चला रहे हैं।