उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों की लेटलतीफी और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का नियम हजारों छात्रों का पीसीएस बनने का सपना तोड़ने जा रहा है।
कई विवि में स्नातक अंतिम वर्ष का रिजल्ट जारी नहीं
आयोग ने आवेदन के लिए 24 सितंबर तक अनिवार्य शैक्षिक अर्हता हासिल करने का नियम रखा है, जबकि कई विवि अब तक स्नातक अंतिम वर्ष का रिजल्ट जारी नहीं कर सके हैं।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से जारी पीसीएस 2012 एग्जाम के नोटिफिकेशन के प्रथम पृष्ठ के तीसरे बिंदु में साफ लिखा है कि ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि यानी 24 सितंबर को आवेदन करने वाले अभ्यर्थी संबंधित पोस्ट के लिए पूरी अर्हता रखते हों।
यानी जिन छात्रों ने अभी ग्रेजुएशन अंतिम वर्ष की परीक्षा दी है या दे रहा है या जिनका रिजल्ट नहीं आया है, वे आवेदन नहीं कर सकते। इस नियम से काफी युवा आहत हैं और उनकी मांग है कि आयोग इस तिथि को 24 सितंबर से बढ़ाकर 30 नवंबर (परीक्षा की प्रस्तावित तिथि) कर दे।
बता दें कि उत्तराखंड मुक्त विवि में अभी दो दिन पहले ही वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुई हैं। गढ़वाल विवि और कुमाऊं विवि के ग्रेजुएशन अंतिम वर्ष के कई रिजल्ट अब भी अटके हुए हैं। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने 237 पदों के लिए पीसीएस 2012 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया था।
जिसका ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुका है। जामा संस्था के डॉ. मनोज सुंदरियाल का कहना है कि आयोग को आवेदन की तारीख बढ़ानी चाहिए, नहीं तो युवाओं का सपना टूट जाएगा।