उत्तर प्रदेश टेक्निकल इंस्टीट्यूशन्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने यूपीटीयू वीसी की जानकारी के बिना मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर ली, जिस पर कॉलेज संचालकों को फटकार लगी।
यूपीटीयू वीसी ने कॉलेज संचालकों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिससे चाहे मिल लें, यूनिवर्सिटी सिर्फ 10-15 कॉलेजों के लिए नहीं है। काउंसलिंग और दाखिलों से संबंधित जो भी निर्णय होगा, सभी संस्थानों के फायदे को देखते हुए किया जाएगा।
दरअसल, फेडरेशन के तहत निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों ने यूपीएसईई की ऑनलाइन काउंसलिंग में हो रही दिक्कतों से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए जानकारी दी कि 70 फीसदी छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, जिन्हें च्वॉइस फिलिंग की ज्यादा जानकारी नहीं है।
स्थिति स्पष्ट न होने के चलते छात्र दूसरे राज्यों का रुख कर लेते हैं। सीएम को बताया गया कि काउंसलिंग प्रक्रिया जटिल और लंबी है।
शनिवार को नोएडा कैंपस में निजी कॉलेजों के साथ होने वाली बैठक में वीसी को फेडरेशन सदस्यों की सीएम के साथ हुई मुलाकात की जानकारी मिली तो कॉलेज संचालकों को फटकार लगाई।
वीसी ने कॉलेज चेयरमैन से कहा कि प्रमुख सचिव से मिलें या सीएम से मिलें, चाहे जो कर लें नियमों में बदलाव में नहीं होगा। कॉलेज चाहे तो कोर्ट भी जा सकते हैं।