उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) अगले सत्र से स्टूडेंट्स को सभी विषयों की ई-टेक्स्ट बुक्स उपलब्ध कराएगा।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध ई-कंटेंट का उपयोग सभी कॉलेजों के स्टूडेंट्स कर सकेंगे।
स्टूडेंट्स को ई-मैटेरियल जल्द से जल्द उपलब्ध हो, इसलिए विश्वविद्यालय ने ई-टेक्स्ट बुक्स तैयार करने में सभी टीचर्स का सहयोग मांगा है।
ई-टेक्स्ट बुक्स सभी सब्जेक्ट्स के लिए तैयार होंगी। इसलिए सभी विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को कंटेट तैयार करने में सहयोग करने के लिए विवि की ओर से कहा गया है।
अलग-अलग विषयों की मानक किताबों के लिए स्टूडेंट्स को परेशान न होना पड़े। इसके लिए यूपीटीयू ई-बुक्स तैयार कराने जा रहा है।
ई-बुक्स विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी। स्टूडेंट्स को अपने विषय की किताबें पढ़ने के लिए केवल यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाना होगा।
इस पर सभी विषयों की ई-बुक्स उपलब्ध होंगी। स्टूडेंट्स बुक्स पढ़ने के साथ ही उसका प्रिंट आउट भी ले सकेंगे।
ई-बुक्स तैयार करवाने के लिए यूपीटीयू के कुलपति प्रो. आरके खांडल ने सभी टीचर्स के लिए सर्कुलर जारी कर दिया है।
इसमें कहा गया है कि वे अपने विषय के लिए ई-टेक्स्ट बुक तैयार करने के लिए सब्जेक्ट्स एडिटर्स के रूप में जुड़ें।
इसके बदले में उन्हें मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा निर्धारित दरों से भुगतान भी दिया जाएगा।
ई-कंटेट तैयार होने के बाद इसे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। एक बार अपलोड होते ही ई-कंटेट सभी स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध रहेगा।
विभिन्न विषयों के सब्जेक्ट एक्सपर्ट पत्र भेजने के साथ ही ई-मेल के माध्यम से ई-बुक तैयार करने में अपनी सहमति भेज सकते हैं।
सहमति देने के लिए टीचर्स को ई टेक्स्टबुक एट द रेट यूपीटीयू डॉट एसी डॉट इन पर मेल भेजनी होगी।
ई-बुक्स उपलब्ध कराने की पहल कराने वाला यूपीटीयू पहला विश्वविद्यालय नहीं है। इससे पहले लखनऊ विश्वविद्यालय ने भी ई-कंटेट उपलब्ध कराने की पहल की थी।
लविवि में 1.69 करोड़ की लागत से स्थापित वर्चुअल क्लास रूम में सभी विषयों का ई-कंटेट उपलब्ध कराने का दावा किया गया था।
वर्चुअल क्लास रूम की स्थापना प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से हुआ था।
लविवि में ई-कंटेट की गाड़ी जहां तीन साल पहले भी आज भी वहीं है। ई-कंटेट तो दूर विश्वविद्यालय में अभी तक स्टूडेंट्स के लिए एक भी वर्चुअल क्लास आयोजित नहीं हुई है।