उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) में बनने वाला नया सिलेबस उससे संबद्ध सभी शिक्षण संस्थानों के सुझाव से बनेगा। यूपीटीयू ने सभी संस्थानों को अपने यहां बोर्ड ऑफ स्टडीज का गठन करने का निर्देश जारी कर दिया है।
संस्थान अपनी बोर्ड ऑफ स्टडीज के माध्यम से विभिन्न विषयों का नया सिलेबस बनाने, उनमें किसी तरह के सुधार करने, संस्थान की समस्याओं को दूर करने पर रिपोर्ट बनाएंगे।
यह रिपोर्ट यूपीटीयू को भेजी जाएगी। कॉलेजों से आने वाले सुझावों को यूपीटीयू अपनी बोर्ड ऑफ स्टडीज में रखेगा।
शिक्षण संस्थानों में बनने वाली बोर्ड ऑफ स्टडीज की खास बात यह है कि इसके गठन में विषय विशेषज्ञों के साथ ही वहां के मेधावी स्टूडेंट्स को भी शामिल किया जाएगा।
बोर्ड के सदस्यों का चुनाव संस्थान अपने स्तर पर करेंगे। नई व्यवस्था में सबसे अच्छी बात यह होगी कि यूपीटीयू का जो भी नया सिलेबस बनेगा उनमें सभी संस्थानों के सुझाव शामिल होंगे।
जानकारी के अनुसार नए सिलेबस में इंडस्ट्री की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा। यूपीटीयू के अधिकारियों के मुताबिक नया सिलेबस आज के समय की मांग के अनुसार होगा। मेधावी स्टूडेंट्स के सुझाव भी नया सिलेबस बनाने में काम आएंगे।
अन्य समस्याओं का भी होगा समाधान
यूपीटीयू के प्रति कुलपति दिवाकर सिंह ने बताया कि बोर्ड ऑफ स्टडीज का काम सिलेबस तैयार करने के साथ ही विभिन्न समस्याओं को दूर करना भी है।
जैसे किसी संस्थान में चलने वाली लैब में कोई समस्या, प्रैक्टिकल कंपोनेंट्स की मॉनिटरिंग करना आदि। इस समय यूपीटीयू से संबद्ध कॉलेजों की संख्या लगभग 900 है।
अगर कुछ कॉलेज भी अपने यहां बोर्ड ऑफ स्टडीज गठित करके सुझाव देते हैं तो नया सिलेबस बनाने में सहूलियत होगी।
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