उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पांच फीसदी फ्री सीटों पर एडमिशन आसान नहीं होगा।
खासतौर से सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मनपसंद सीट 15 हजार रैंक के ऊपर नहीं मिल पाएगी।
यूपीटीयू के 300 इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की 7,500 फ्री सीटें हैं, जिन पर छात्र मेन सीट से पहले दाखिला लेंगे। इसके लिए बेहतर रैंक की जरूरत होगी।
यूपीटीयू की ओर से जारी एसईई की पिछले साल की क्लोजिंग रैंक के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि फ्री सीट पर रैंकिंग की कड़ी टक्कर होगी।
इसके अलावा इस सीट पर छात्रों का तीन लाख से साढ़े चार लाख रुपये फीस का पैसा बच जाएगा।
यूपीएसईई की काउंसलिंग में छात्र स्वाभाविक रूप से मेन सीट से पहले फ्री सीट पर ही चॉइस लॉक करेंगे।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की ओर से नए सत्र 2014-15 में फ्री सीटों पर सालाना छह लाख रुपये आय वाले अभिभावकों के बच्चों को मौका दिया जाएगा।
सरकारी कॉलेजों में लगभग 210 सीट हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 26 कॉलेजों में 800 फ्री सीटों पर दाखिला मिलेगा।
निजी कॉलेजों में टॉप कॉलेजों को छोड़कर ज्यादातर ऐसे होंगे, जिनकी मेन सीट पर भले 10 फीसदी एडमिशन हों।
लेकिन फ्री सीट फुल हो जाएंगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के अच्छे कॉलेजों में सीएस, मैकेनिकल, ईसीई, सिविल, इलेक्ट्रीकल और आईटी जैसी ब्रांच में फ्री सीट पर 15 हजार रैंक तक ही मौका मिल पाएगा।
इसमें छात्रों को ट्यूशन फीस छोड़कर बाकी परीक्षा शुल्क, यूनिवर्सिटी शुल्क, छात्र निधि शुल्क, लाइब्रेरी, कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट, वाईफाई, स्पोर्ट्स और हॉस्टल जैसे मदों पर फीस भरनी होगी।