यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (एसईई) देने वाले छात्रों को उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) के 300 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेजों की लगभग 7500 सीटों पर फ्री पढ़ाई का मौका मिलेगा।
सालाना छह लाख रुपये आय वाले अभिभावकों के बच्चों को ही मौका दिया जाएगा। एडमिशन के लिए छात्रों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। पिछले सालों में फ्री सीटों पर एडमिशन के लिए एसईई काउंसलिंग की कटऑफ लिस्ट सरकारी कॉलेजों में 4000 से नीचे रही है।
इस समय एसईई की आवेदन प्रक्रिया चल रही है, जिसके फॉर्म पांच अप्रैल तक भरे जाएंगे। यूजीसी के नियम अनुसार इंजीनियरिंग कॉलेजों की कुल सीटों में से पांच फीसदी सीटों पर फ्री एजुकेशन का प्रावधान है।
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एसईई के तहत प्रदेश के लगभग 15 सरकारी कॉलेजों में 210 सीट, जबकि 290 निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में लगभग 7300 सीटों पर एडमिशन होने हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के भी 26 इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की लगभग 800 फ्री सीट हैं।
इस स्कीम के तहत एचबीटीई और आईईटी जैसे सरकारी कॉलेज में एसईई की 1500 रैंक तक ही फ्री सीट पर एडमिशन हो पाएगा। टॉप-100 प्राइवेट कॉलेजों में रैंकिंग की ज्यादा उठापटक होगी। टॉप कॉलेजों में सीएस, मैकेनिकल, ईसीई, सिविल और आईटी जैसी ब्रांच में फ्री सीट के लिए छात्रों को 20 हजार तक रैंक लानी होगी।
फ्री सीट के प्रावधान के तहत संबंधित संस्थान की पूरी ट्यूशन फीस माफ होगी। लेकिन, परीक्षा शुल्क, विवि शुल्क, छात्र निधि शुल्क के अलावा लाइब्रेरी, कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट, वाईफाई, स्पोर्ट्स, जनरल, हॉस्टल जैसे मदों की फीस भरनी होगी।