फर्जी स्कूलों के छात्रों का रजिस्ट्रेशन कराकर शिक्षा माफिया को शह देने वाले स्कूल प्रबंधनों को इस बार मुश्किलों का सामना करना होगा।
नौवीं-ग्यारहवीं के छात्रों के ऑनलाइन आवेदन से पहले स्कूलों को अपनी मान्यता और मान्य विषयों के साथ ही धारण क्षमता के बारे में भी पूरी जानकारी देनी होगी।
इस सूचना के आधार पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। ऐसे में क्षमता से ज्यादा आवेदन करना स्कूलों को भारी पड़ेगा।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बदले हुए पैटर्न में आवेदन करने के लिए स्कूलों को कई सूचनाएं भी देनी होंगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश त्रिपाठी ने बताया कि आवेदन से पहले स्कूलों को अपनी मान्यता और मान्य विषयों के साथ उपलब्ध भौतिक संसाधन, शिक्षण कक्ष और कक्षावार छात्र संख्या, स्कूल में कार्यरत प्रधानाचार्य व शिक्षकों के शैक्षिक विवरण के बारे में भी सूचनाएं देनी होंगी।
इसके बाद ही नौवीं-ग्यारहवीं के छात्रों के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन स्वीकार होंगे। इस स्थिति में धारण क्षमता से ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराने पर स्कूलों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। इसके अलावा बच्चों को फर्जी स्कूलों से सतर्क रहने की भी सलाह दी जा रही है।