राजधानी में यूपी बोर्ड के 40 स्कूल जांच के दायरे में आ गए हैं। इन स्कूलों ने कक्षा 9 व 11वीं में 200 व उससे अधिक स्टूडेंट के पंजीकरण करवाए गए हैं।
अब इनका स्थलीय निरीक्षण कर देखा जाएगा कि स्टूडेंट की संख्या सही है या नहीं। यह निरीक्षण औचक होगा। अगर पंजीकरण गलत पाया गया तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक जेके वर्मा ने बताया कि एक अक्तूबर को ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया खत्म हो गई है। इसके बाद राजधानी में करीब 40 स्कूल ऐसे हैं जहां कक्षा 9 व कक्षा 11 में 200 व उससे अधिक स्टूडेंट के पंजीकरण करवाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि स्कूलों का निरीक्षण करवाने के लिए पांच कमेटियां बनाई गई हैं। जिन कॉलेजां ने अधिक छात्रों का पंजीकरण कराया है।
उसमें राजकीय हुसैनाबाद इंटर कॉलेज, राजकीय जुबली इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज, राजकीय इंटर कॉलेज सरोजनी नगर व नरही स्थित इंटर कॉलेज शामिल है।
यह कमेटियां अलग-अलग स्कूलों की जांच करेंगी। इनकी जो रिपोर्ट आएगी उसी के आधार पर स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि यूपी बोर्ड में पंजीकरण को लेकर बड़ा खेल स्कूल प्रबंधकों द्वारा किया जाता है।
वे अपने यहां क्षमता से अधिक छात्रों की संख्या दिखा कर पंजीकरण फॉर्म भरवा देते हैं। मगर इस बार खेल करने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। संदेह के घेरे में आए इन स्कूलों के खिलाफ एक-दो दिन में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।