उत्तराखंड गठन के बाद पीसीएस परीक्षा का आयोजन कराने में लगातार फिसड्डी रहा उत्तराखंड लोक सेवा आयोग इस बार चुस्त नजर आ रहा है।
आयोग ने महज दो माह के भीतर प्री परीक्षा का परिणाम भले जारी कर दिया है, लेकिन उच्च न्यायालय में इससे संबंधित तीन मामले भी विचाराधीन हैं। ये मामले आयोग की तेजी को चुनौती दे सकते हैं। हालांकि आयोग का मकसद इस बार परीक्षा को सही वक्त में पूरा कराना है।
आयोग ने 30 नवंबर को परीक्षा कराने के बाद मंगलवार को परिणाम जारी कर दिया। परिणाम के साथ ही बताया गया है कि परिणाम उच्च न्यायालय में दायर तीन याचिकाओं पर आने वाले फैसले पर आधारित होगा।
पीसीएस 2010 परीक्षा में भी कई अभ्यर्थियों के हाईकोर्ट चले जाने की वजह से आयोग को परीक्षा कराने में मुख्य देरी हुई थी। इस बार भी आयोग के लिए कानूनी लड़ाई अहम होंगी।
3640 अभ्यर्थी प्री में क्वालिफाई
हालांकि आयोग की ओर से मई में मुख्य परीक्षा प्रस्तावित है और आयोग का मकसद भी यही है कि मई में मुख्य परीक्षा कराने के बाद इसी साल में इसका अंतिम परिणाम भी जारी हो जाए।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से हुई पीसीएस प्री परीक्षा 2012 का परिणाम मंगलवार देर रात जारी हुआ। 237 पदों के सापेक्ष कुल 3640 अभ्यर्थी योग्य घोषित किए गए हैं।
इनमें समेकित पदों के लिए सर्वाधित 2230, कृषि सेवा श्रेणी दो के लिए कुल 105, कृषि सेवा श्रेणी दो सेक्शन सी के लिए 30, कृषि सेवा श्रेणी दो सेक्शन सी रसायन शाखा के लिए 24, सांख्यिकी शाखा के लिए 30, अभियंत्रण शाखा के लिए 13, प्रचार अधिकारी/जनसंपर्क अधिकारी के लिए 15, सहायक श्रम आयुक्त के लिए 45, सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा के लिए 83, जिला पर्यटन विकास अधिकारी के लिए 115, प्रचार अधिकारी के लिए 19, उप निबंधक वित्त विभाग के लिए 272, सूचना अधिकारी के लिए 38, बाल विकास परियोजना के लिए 606, परिविक्षा अधिकारी समाज कल्याण विभाग के लिए 15 अभ्यर्थी शामिल हैं।
आयोग के सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे के मुताबिक दस फरवरी को वेबसाइट पर कटऑफ भी जारी कर दी जाएगी।