ग्लोबल लेवल पर अब हायर एजूकेशन का प्रारूप काफी तेजी से बदल रहा है। देश के एजुकेशन सिस्टम को इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचाने के लिए रैंकिंग सिस्टम को फॉलो करना होगा। देश का कोई भी शैक्षणिक संस्थान टॉप 100 रैंकिंग में शामिल नहीं है।
जरूरी नहीं कि हमारे इंस्टीट्यूट सभी चीजों में आगे हों, लेकिन कुछ मामलों में आगे निकला जा सकता है। ये बातें वीरवार को पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंचे यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) चेयरमैन प्रो.वेद प्रकाश ने कहीं। यूनिवर्सिटी में रिसर्च का माहौल और भविष्य की योजनाओं को लेकर प्रो.वेद प्रकाश ने पीयू में यूजीसी के 50 साल पूरे होने पर आयोजित विशेष लेक्चर दिया।
यूजीसी द्वारा अपने स्तर पर देश भर की यूनिवर्सिटी की रैंकिंग के सवाल पर प्रो.वेद प्रकाश ने कहा कि इस दिशा में प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। रैंकिंग के अंकों में किसी भी यूनिवर्सिटी द्वारा लड़कियों को शिक्षा के प्रति प्रमोट करने या सोशल वर्क में बेहतर काम के लिए अलग से अंक दिए जाने चाहिए।
यूजीसी नेट परीक्षा की जिम्मेदारी सीबीएसई को दिए जाने पर उन्होंने कहा कि सीबीएसई के पास इस तरह की परीक्षा करवाने के लिए काफी रिसोर्स हैं। काफी सोच समझकर यह जिम्मेदारी सीबीएसई को दी गई है। रिसर्च करने वाले शोधकताओं को समय पर पैसा नहीं मिलने के सवाल पर चेयरमैन ने कहा कि अब सभी स्कॉलर के बैंक खाते में सीधे पैसा जाएगा।
2009 यूजीसी रेगुलेशन के तहत ही नेट से छूट
कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर पीएचडी और नेट नियमों को लेकर चल रहे विवाद पर प्रो.वेद प्रकाश ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि जिन स्टूडेंट ने यूजीसी रेगुलेशन 2009 के तहत पीएचडी की है, केवल उन्हें ही नेट से छूट होगी।
कुछ यूनिवर्सिटी में अपने स्तर पर ही शिक्षकों को पीएचडी के लिए नेट या एंट्रेंस से छूट के सवाल पर प्रो.वेद प्रकाश ने कहा कि सभी यूनिवर्सिटी को यूजीसी नियमों को फॉलो करना होगा और शिक्षकों को नेट या एंट्रेंस से यूजीसी नियमों में कोई छूट नहीं दी जाती।
पीजी कोर्स में सिर्फ 12 फीसदी इनरोलमेंट
प्रो.वेद प्रकाश ने कहा कि हायर एजूकेशन में इनरोलमेंट के स्तर पर भारत काफी पीछे है। सिर्फ 12 फीसदी युवा पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला लेते हैं। इसे बेहतर करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में एजुकेशन को प्रमोट करना होगा। प्रो.वेद ने देश में खास रिसर्च यूनिवर्सिटी बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि पीएचडी प्रोग्राम को भी प्राइवेटाइज किया जाए।