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LU: टॉपर्स बताएंगे कैसे अपडेट हो सिलेबस

Wed, 19 Feb 2014 09:05 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
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एलयू में अब सभी विभागों में टॉपर्स से पूछकर कोर्स अपडेट किया जाएगा। नए शैक्षिक सत्र से सभी बोर्ड ऑफ स्ट्डीज में इन्हें शामिल किया जाएगा।
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इसके बाद टॉपर्स जो सुझाव देंगे उसी के अनुरूप कोर्सों में बदलाव किया जाएगा। यही नहीं कोर्स से लेकर छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं तक में उनसे राय ली जाएगी।

मंगलवार को मालवीय सभागार में कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने टॉपर्स एकेडमी और रिसर्च स्कॉलर्स के साथ बैठक की। उन्होंने टॉपर्स को भरोसा दिलाया कि अब हर बड़े बदलाव में उनकी राय ली जाएगी।
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हम स्टूडेंट्स की मदद से यूनिवर्सिटी को संवारेंगे। उन्होंने बताया कि कैंपस में प्रॉक्टर ऑफिस, डीन स्टूडेंट वेलफेयर और शिक्षा शास्त्र विभाग में सुझाव पेटिका रखवाई जा रही है।

इसमें स्टूडेंट अपने सुझाव के साथ-साथ समस्याएं भी बता सकेंगे। इसी के साथ नियमित रूप से टॉपर्स की बैठक करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान टॉपर्स एकेडमी के स्टूडेंट्स को विशेष परिचय पत्र भी बांटे गए।

कार्यक्रम में इंटरनल क्वॉलिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) के निदेशक प्रो. राजीव मनोहर ने बताया कि रिसर्च स्कॉलर व टीचर्स को लॉगिन व पासवर्ड दिया जाएगा इसके बाद वे यूनिवर्सिटी में कहीं भी बैठकर आसानी से अपना रिसर्च वर्क कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारा टारगेट है कि हम सभी स्टूडेंट्स को इंटरनेट के रिमोट एक्सेस की सुविधा दें। एलयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि हम अपने टॉपर्स को पूरा सहयोग देंगे।

उन्होंने कहा कि एलयू का देश व विदेश में बहुत नाम है। हम इसे और बेहतर बनाएंगे। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अनिल शुक्ला ने कहा कि टॉपर्स व रिसर्च स्कॉलर हमें बताएं कि उनकी कौन-कौन सी समस्याएं हैं।

हम उसे दो दिन में दूर करने की कोशिश करेंगे। वहीं चीफ प्रोवोस्ट प्रो. राजकुमार सिंह ने कहा कि रिसर्च स्कॉलर्स को फोटो कापी की सुविधा ढंग से नहीं मिल पाती है। हमारी कोशिश है कि इसे बेहतर किया जाए।

कार्यक्रम में टॉपर्स व रिसर्च स्कॉलर्स ने डिपार्टमेंट्स की लाइब्रेरी में अच्छी किताबें की कमी और इंटरनेट की बदहाल सुविधा का मुद्दा भी उठाया। कई पीएचडी स्टूडेंट्स ने बताया कि उन्हें अभी तक परिचय पत्र ही नहीं मिला है।

पांच साल से नहीं शोध संस्थान का ताला
एलयू में संस्कृत के रिसर्च स्कॉलर सत्य प्रकाश तिवारी ने कहा कि बीते पांच वर्षों से अभिनव गुप्त शोध संस्थान का ताला नहीं खुला है। यहां पर कर्मचारी न होने के कारण रिसर्च स्कॉलर्स को सुविधा नहीं मिल पा रही।

यह शोध संस्थान संस्कृत विभाग से संबद्ध है। इस रिसर्च स्कॉलर की आवाज को कुलदीप, अनिल कुमार व रोशन सिंह ने बुलंद किया। एलयू के कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही इस शोध संस्थान का दौरा करेंगे और समस्या का स्थाई निराकरण करेंगे।

नैक टीम से रूबरू होंगे 30 स्टूडेंट्स  
एलयू में नैक से मूल्यांकन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। टॉपर्स एकेडमी व रिसर्च स्कॉलर्स को बताया गया कि एलयू की टॉपर्स एकेडमी में से स्नातक स्तरीय कोर्स के दस स्टूडेंट और पीजी कोर्सेज के दस स्टूडेंट्स के अलावा 20 रिसर्च स्कॉलर्स को नैक की पीयर टीम से रूबरू करवाया जाएगा। ये 30 स्टूडेंट्स नैक की टीम से रूबरू होंगे और उनके सवालों का जवाब देंगे।
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यहां दे सुझाव व शिकायत
स्टूडेंट्स कुलपति को vc@lkouniv.ac.in, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर को dean_stuwelfare@lkouniv.ac.in और प्रॉक्टर को  procter@lkouniv.ac.in पर ईमेल करके अपनी समस्याएं व सुझाव बता सकते हैं।
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