वर्ष 2014 से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में दाखिले के लिए विकासखंड, तहसील और जनपद स्तर के अभ्यर्थियों के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी।
तीनों तरह के अभ्यर्थियों के लिए 25-25 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। इसके बाद दूसरे जनपदों के अभ्यर्थियों को दाखिला दिया जाएगा। नई व्यवस्था वर्ष 2014 से लागू हो जाएगी।
यह फैसला आईटीआई में स्थानीय युवाओं को दाखिलों में प्राथमिकता देने के लिए किया गया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा ने शासनादेश जारी कर दिया है।
वर्ष 2013 से आईटीआई में एक साथ छह जिलों का विकल्प भरने की व्यवस्था लागू की गई थी। इस वजह से अभ्यर्थियों ने अपने जनपद के साथ ही दूसरे जिलों में भी दाखिले का विकल्प भर दिया।
आईटीआई में दाखिले की न्यूनतम अर्हता सिर्फ 10वीं पास है। अभ्यर्थियों की मेरिट प्रदेश स्तर पर तैयार की गई थी। इस वजह से मेधावी अभ्यर्थियों की हर जिले में अच्छी रैंक आई, लेकिन अभ्यर्थी एक ही जिले में एडमिशन लेने के कारण बाकी जनपदों की सीटें खाली रह गईं।
वहीं, एडमिशन में देरी होने के कारण बहुत से अभ्यर्थियों ने पॉलीटेक्निक और दूसरे संस्थानों में एडमिशन ले लिया। इस तरह राजकीय संस्थानों में कुल 69,014 सीटों में से करीब 40 प्रतिशत सीटें खाली रह गईं।
सबसे बुरी स्थिति ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थियों की हुई जो सीटें खाली होने के बावजूद खराब मेरिट के कारण अपने पास की आईटीआई में दाखिला नहीं ले सके।
इस स्थिति से निपटने के लिए वर्ष 2014 के लिए आईटीआई परीक्षा में काफी बदलाव किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा आलोक कुमार द्वारा शासनादेश के अनुसार वर्ष 2014 से आईटीआई में दाखिले के लिए नई आरक्षण व्यवस्था लागू होगी।
वर्गवार आरक्षण के साथ ही सबसे पहले उस विकासखंड के अभ्यर्थियोें के लिए 25 फीसदी सीटें आरक्षित की जाएंगी, जिस ब्लॉक में आईटीआई स्थित होगी।
इसके बाद तहसील और जनपद स्तर के अभ्यर्थियों के लिए संबंधित आईटीआई में 25-25 फीसदी सीटें आरक्षित की जाएंगी। बाकी बची 25 फीसदी सीटें अन्य जनपदों के अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध रहेंगी।
पिछले वर्ष की तरह इस साल भी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा। इस साल अभ्यर्थियों को छह के बजाय 10 जिलों में दाखिले का विकल्प भरने का मौका मिलेगा।