देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सर्विसेज (आईएएस) में सफलता के लिए युवाओं के बीच एक अलग तरह की मानसिकता का विकास होना जरूरी है।
इस परीक्षा में पीएचडी या इंजीनियरिंग डिग्री के मुकाबले प्रशासनिक सोच रखने वालों को ही सफलता मिलती है।
कुछ इस तरह के विचार रविवार को टैगोर थियेटर में सिविल सर्विसेज की तैयारी कराने वाले चाणक्य आईएएस एकेडमी डायरेक्टर और आर्ट ऑफ सक्सेस गुरु... एके मिश्रा ने रखे।
आईएएस का सपना सजोए 700 से अधिक ट्राइसिटी के युवाओं ने तीन घंटे के सेमिनार में हिस्सा लिया। इसमें शामिल होने वालों में स्कूली बच्चों से लेकर कालेज, यूनिवर्सिटी और प्रोफेशनल क्षेत्र से जुड़े लोग भी शामिल हुए।
मिश्रा के मोटिवेशनल लेक्चर ने युवाओं के बीच जबर्दस्त जोश भी भर दिया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जैसे शहर के युवाओं के बीच आईएएस बनने का खासा क्रेज देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में सफलता के लिए एक सही दिशा में लक्ष्य को पाने के लिए तैयारी जरूरी है। मिश्रा ने बहुत ही साधारण और प्रभावशाली तरीके से युवाओं के सवालों के जवाब दिए।
आईएएस की तैयारी करने वाले युवाओं को कुछ खास टिप्स
-सही तरीके से तैयारी का खाका तैयार करें।
-अधिक पढ़ाने की तुलना में क्वालिटी पढ़ाई जरूरी।
-पहले खुद को मानसिक तौर पर तैयार करें।
-ग्रेजुएशन के बाद 12 से 15 महीने की तैयारी काफी है।
-अपनी सोच को प्रशासनिक अधिकारी की तरह डेवलेप करें।
-रुटीन में अखबार पढ़ें और टीवी पर न्यूज देखें।
-किसी भी मुद्दे पर तर्क वितर्क के लिए खुद को तैयार करें।
-प्रशासनिक अधिकारी की तरह युवा खुद में अनुशासन, इमोशनल, डिसीजन मेकिंग और लीडरशिप क्वालिटी डेवलेप करें।
-ग्रेजुएशन की पढ़ाई आईएएस बनने के लिए काफी है।
एके मिश्रा आज भी मिलेंगे युवाओं से
1993 में चाणक्य आईएएस एकेडमी शुरू करने वाले एके मिश्रा ने 20 सालों में 2700 के करीब युवाओं को सिविल सर्विसेज की राह दिखाई है। देश भर में चाणक्य एकेडमी की 10 ब्रांच है। 2013 में ही सेक्टर-8 सी के एससीओ 47-48 में चाणक्य एकेडमी में सिविल सर्विसेज की कोचिंग शुरू की गई है। मिश्रा ने बताया कि सोमवार को 12 से 2 बजे के बीच आईएएस संबंधी किसी तरह की जानकारी के लिए युवा उनसे कोचिंग सेंटर में मिल सकते हैं।