प्रदेश विश्वविद्यालय जल्द अपना अलग डेडिकेटिड सर्वर स्थापित करेगा। इसको लेकर कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी से मंजूरी मिल चुकी है। सर्वर स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
पांच से दस लाख खर्च कर विवि का कंप्यूटर साइंस विभाग, सीओई विंग सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तकनीकी सहयोग से सर्वर स्थापित करेगा। विवि ने डीआईटी विभाग को सहयोग के लिए पत्र जारी कर दिया है।
सर्वर स्थापित होने से कॉलेज छात्रों को एक क्लिक पर परीक्षाओं, कोर्स जैसी हर सूचना ऑनलाइन उपलब्ध होगी। साइट के रुकने की मस्या नहीं रहेगी। परिणाम, रोलनंबर डाउनलोड करने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
सर्वर स्थापित करना विवि की छात्रों को हर सूचना ऑनलाइन उपलब्ध करवाने, परीक्षा प्रणाली को ऑनलाइन करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
ये होंगे लाभ
बेहतर होंगी विवि की हर ऑनलाइन सेवाएं, एक क्लिक पर छात्रों को मिलेगी हर जानकारी, यूजर्स की संख्या बढ़ने पर नहीं रुकेगी साइट, छात्र आसानी से पूरी करेंगे ऑनलाइन फार्म, फीस भरने की प्रक्रिया, छात्रों को मिलेगी साइट पर अपडेट परीक्षा से संबंधित सूचनाएं, विवि की डीआईटी पर निर्भरता होगी समाप्त, विश्वविद्यालय के ऑनलाइन होने की राह होगी आसान।
रूसा छात्रों को अपनी ई-मेल पर मिलेगी हर जानकारी
परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने माना कि विवि का अपना अलग सर्वर जल्द स्थापित किया जाएगा। कुलपति की मंजूरी के बाद प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीआईटी से सहयोग लिया जा रहा है। सर्वर कम से कम दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से लगाया जाएगा।
विश्वविद्यालय अब तक प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीआईटी) के सर्वर को शेयर करता रहा है। इससे यूजर्स का लोड बढ़ने पर छात्रों को परिणाम के साथ सूचनाएं ऑनलाइन प्राप्त करने में कई तकनीकी दिक्कतें होती रही हैं। अपना सर्वर होगा तो विवि हर सूचना का अपडेट तुरंत साइट पर उपलब्ध करवा सकेगा।