विरोध प्रदर्शन करते हुए एसएफएस कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स पीयू मार्केट बंद करा दी। गेट नम्बर 2 पर भी उन्होंने जोरदार हंगामा किया और इसे बंद करा दिया।
इससे पहले सुबह कैम्पस में स्टूडेंट्स ने लॉ डिपार्टमेंट को बंद करा दिया। स्टूडेंट्स ने लॉ डिपार्टमेंट में जाकर काफी हंगामा किया, नारेबाजी की और विद्यार्थियों को जबरदस्ती विभाग से बाहर निकाल दिया।
बीते दिन भी पीयू के लॉ विभाग में एसएफएस के कुछ छात्र नेता अपने समर्थकों ने पहले मूट कोर्ट तोड़फोड़ की थी और जमकर नारेबाजी कर थी। उस वक्त मूट कोर्ट में एक सेमिनार चल रहा था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस और पीयू सिक्योरिटी की मदद से विरोध करने वालों को बाहर निकाला।
बता दें कि पीयू कैम्पस में फीस बढ़ोतरी के विरोध में 9 विद्यार्थियों पर पुलिस में मामला दर्ज होने पर विरोध के हालात बने हुए हैं। पीयू कैंपस में धारा 144 लगी हुई है।
बावजूद इसके बीते दिन 400 से अधिक स्टूडेंट्स ने सुबह से दोपहर बाद तक वीसी दफ्तर को घेरे रखा और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 9 स्टूडेंट्स के खिलाफ एफआईआर का मामला वापिस नहीं लेने पर स्टूडेंट फॉर सोसाइटी (एसएफएस) और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया(एसएफआई) के कार्यकर्ता काफी नाराज हैं।
विरोध करते हुए बीते दिन एसएफएस और एसएफआई छात्र नेताओं की अगुवाई में पीयू के आर्ट्स ब्लॉक वन से कक्षाओं का बहिष्कार करना शुरू कर दिया। सभी विभागों में कक्षाएं खाली करा दीं। दोपहर में सभी एकजुट होकर वीसी दफ्तर के सामने आ गए और पीयू अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
वीसी दफ्तर के सामने रोड को पूरी तरह जाम कर दिया गया। विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए पुलिस भी कोई कार्रवाई करने से बचती रही।
छात्र नेता बातचीत के लिए कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर के बाहर आने पर अड़ गए। लेकिन डीएसडब्ल्यू प्रो.नवदीप गोयल, वार्डन अशोक कुमार और वार्डन जितेंद्र ग्रोवर ही विद्यार्थियों के पीयू प्रशासन का पक्ष रखने पहुंचे।
बीते दिन आम आदमी पार्टी की चुनाव उम्मीदवार गुल पनाग भी पीयू कैंपस पहुंचीं और वीसी दफ्तर के सामने धरने पर बैठी लड़कियों के साथ बैठ गई। कुछ देर बाद विरोध करने वालों को भी इसकी जानकारी मिली।
गुल पनाग ने खुद को पीयू की स्टूडेंट बताते हुए विद्यार्थियों का समर्थन किया। चंद मिनट सड़क पर बैठ गुल पनाग ने फोटो खिंचवाए और तुरंत गाड़ी में बैठ कैंपस से विदा हो गई।