युवाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने और उनमें स्किल डवलपमेंट के लिए अब विवि, कॉलेजों में वोकेश्नल ट्रेनिंग दी जाएगी। इनकी कक्षाएं शाम को चलेंगी और इनमें 12वीं पास स्टूडेंट्स भाग ले सकेंगे।
खास बात यह है कि तीन महीने के इस प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को एक हजार रुपये मानदेय भी मिलेगा। यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों से 31 मार्च-2014 तक प्रस्ताव मांगा है।
यूजीसी के इस प्रस्ताव पर राजधानी के कई कॉलेज व खुद लखनऊ विश्वविद्यालय गंभीरता से विचार कर रहा है। ऐसे में आगे राजधानी में 12 वीं पास स्टूडेंट्स के लिए वोकेश्नल ट्रेनिंग पाने के तमाम अवसर होंगे।
वे स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ भी कम्युनिटी कॉलेज में दाखिला लेकर ट्रेनिंग ले सकते हैं। स्टूडेंट्स के स्किल डवलपमेंट के लिए यूजीसी ने यह स्कीम शुरू की है।
इसके तहत कोई भी इंस्टीट्यूशन अपने यहां पर दो सर्टिफिकेट कोर्स चला सकता है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के जॉइंट सेक्रेट्री डॉ. केपी सिंह का कहना है कि कम्युनिटी कॉलेज चलाने के लिए कॉलेज व यूनिवर्सिटी अपना प्रस्ताव 31 मार्च-2014 तक हर हाल में भेज दें।
उन्हें अपने प्रस्ताव में यह लिखना होगा कि वे किस ट्रेड में रोजगारपरक कोर्स शुरू करना चाहते हैं। इसमें तीन महीने की पढ़ाई व ट्रेनिंग के साथ-साथ स्टूडेंट को अलग से प्रति माह 1000 रुपये तक मानदेय भी मिलता है।
इसके माध्यम से कॉलेज व विश्वविद्यालय अपना सामाजिक दायित्व भी पूरा कर सकते हैं। फिलहाल, राजधानी में लविववि के साथ ही जय नारायण पीजी कॉलेज (केकेसी), शिया पीजी कॉलेज, कालीचरण पीजी कॉलेज, डीएवी कॉलेज भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। नए सत्र में छात्रों को कम्युनिटी कॉलेज का फायदा मिल सकता है।
यह कोर्स पढ़ाए जाएंगे
कम्युनिटी कॉलेज खोलकर कोई भी यूनिवर्सिटी व कॉलेज एक बार में दो कोर्स चला सकता है। इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, हॉस्पिटेलिटी, हार्टीकल्चर क्रॉप एंड नर्सरी मैनेजमेंट, गारमेंट डिजाइन, इंटीरियर डेकोरेशन, ऑटोमोबाइल, रिटेल मैनेजमेंट, कम्प्यूटराइज्ड एकाउंटिंग प्रोग्राम, टूरिज्म मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ केयर मैनेजमेंट, थियेटर एंड स्टेज क्राफ्ट, मोबाइल कम्युनिकेशन आदि में सर्टिफिकेट कोर्स चला सकते हैं।