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यूपी बोर्ड के स्कूलों को खोजे नहीं मिल रहे छात्र

Wed, 02 Oct 2013 01:23 AM IST
आशीष त्रिपाठी/लखनऊ
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यूपी बोर्ड की कहानी भी अजीब है। नियमों को शिथिल कर पहले धड़ल्ले से स्कूलों को मान्यता बांटी। अब, इन स्कूलों को चलाने के लिए छात्र ही नहीं मिल रहे हैं।
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कई तो बंद कर दिए गए। फिर भी कागजों में इनका संचालन सालों से किया जा रहा है। इनका खुलासा बोर्ड द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया से हुआ।

ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में भाग न लेने वाले स्कूलों को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कुछ दिन पहले नोटिस जारी किया गया था।

जिसके जवाब में राजधानी के 13 स्कूलों ने बताया कि उनके यहां नौंवी व 11वीं कक्षा में एक भी छात्र नहीं है। इनमें से 80 फीसदी स्कूलों को बसपा सरकार के समय में नियमों को शिथिल करके मान्यता दी गई थी।

वर्तमान सत्र में नौंवी व 11वीं कक्षा के छात्रों के ऑनलाइन पंजीकरण को अनिवार्य किया। इसमें राजधानी के 687 स्कूलों का शामिल होना प्रस्तावित था।

बोर्ड द्वारा इस प्रक्रिया में भाग न लेने वाले स्कूलों के नाम लगातार जारी किए जा रहे थे। इस पर विभाग ने स्कूलों को नोटिस तो स्कूलों ने बताया कि उनके यहां छात्र ही नहीं हैं।
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ये हैं स्कूल
आवेदन न करने वालों में लखनऊ कॉन्वेंट स्कूल, क्वींस कॉन्वेंट कॉलेज, जीपी मांटेसरी हाईस्कूल, हीरोज मेमोरियल हायर सेकेड्री स्कूल, जवाहर सर्वोदय गर्ल्स कॉलेज, सिद्धार्थ पब्लिक हाईस्कूल, यूनिक मांटेसरी गर्ल्स हाईस्कूल, आशुतोष मेमोरियल स्कूल, महात्मा बुद्ध मेमोरियल स्कूल, हारो पब्लिक हाईस्कूल, एसएम स्कूल, फातिमा जहरा हाईस्कूल और डब्ल्यूएफ चिल्ड्रेन अकादमी शामिल हैं। आशुतोष मेमोरियल स्कूल काफी पहले ही बंद हो चुका है। इसके बाद भी इसे कागजों पर चलता दिखाया जा रहा था। लखनऊ कॉन्वेंट स्कूल, आशुतोष मेमोरियल स्कूल, हारो पब्लिक हाईस्कूल, एसएम स्कूल और फातिमा जहरा हाईस्कूल समेत कई अन्य स्कूलों के बंद होने की सूचनाएं भी सामने आई हैं।
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