आईआईटी से निकाले गए 72 छात्रों के समर्थन में मंगलवार को छात्र संगठनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का गुस्सा फूट पड़ा। एनएसयूआई ने छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की।
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वहीं अभाविप कार्यकर्ता संस्थान निदेशक का पुतला फूंकने के बाद सुरक्षाकर्मियों का घेरा तोड़कर भीतर घुस गए और दौड़ लगाते हुए करीब एक किलोमीटर दूर मुख्य भवन तक पहुंच गए थे। यहां पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई। इसके बाद छात्र धरने पर बैठ गए थे।
कार्यकर्ताओं से वार्ता करने आए संस्थान के रजिस्ट्रार प्रशांत गर्ग ने धरना समाप्त करने की अपील की। उन्होंने बताया कि मामला अब हाईकोर्ट में पहुंच चुका है, इसलिए हाईकोर्ट के दिशा निर्देश पर आगे का हल निकाला जा सकेगा। इसके बाद कार्यकर्ता परिसर से लौट आए थे।
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अभाविप के गढ़वाल प्रमुख गौरव शर्मा ने कहा है कि जब तक छात्रों को वापस नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस बाबत मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्मृति ईरानी से मिलने के लिए समय मांगा जाएगा।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष बैठे भूख हड़ताल पर
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ शताब्दी द्वार पर पहुंचे थे। परिसर में घुसने के प्रयास के दौरान इनकी सुरक्षाकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक और नारेबाजी भी हुई।
इसके बाद जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी के गेट पर ही भूख हड़ताल पर बैठ गए। अमित रोड, बिट्टू शर्मा, नावेद आलम, राहुल राठी, मयंक शर्मा, गुड्डू, फईम अहमद, मयंक त्यागी, विशाल एवं सतेंद्र आदि धरने में शामिल हुए।
इसी बीच अभाविप कार्यकर्ता भी संस्थान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आईआईटी के मुख्य गेट पर पहुंच गए। सुरक्षाकर्मियों ने संस्थान निदेशक का पुतला जला रहे छात्रों से पुतला छीनने की कोशिश की तो हाथापाई हो गई। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने गेट तोड़ने का प्रयास किया और फिर हंगामा करते हुए छोटे गेट को जबरन खोल भीतर घुस गए।
यहां से कार्यकर्ताओं ने मुख्य भवन की ओर दौड़ लगा दी। पीछे-पीछे सुरक्षाकर्मियों सहित कोतवाली प्रभारी गंगनहर और सिविल लाइंस भी वहां पहुंच गए।
मुख्य भवन के सामने बैठे छात्रों को उठाने के दौरान कोतवाली प्रभारी बीडी उनियाल ने उनके साथ धक्कामुक्की कर दी। इससे नाराज छात्र वहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद रजिस्ट्रार प्रशांत गर्ग और डीन प्रशासन प्रो. यूपी सिंह ने कार्यकर्ताओं से वार्ता की।
धरना प्रदर्शन करने वालों में गढ़वाल प्रमुख गौरव शर्मा, वरिष्ठ कार्यकर्ता सचिन गुर्जर, विभाग संगठन मंत्री योगेश विद्यार्थी, प्रवीण, सूर्यकांत सैनी, कमल शर्मा, नितिन चौधरी, दीपक पांडे, मोंटी सिंह, रमेश, राजकमल पुंडीर, दिपांशु गिरी, मनीष सैनी, शुभम सैनी आदि मौजूद रहे।