देहरादून स्थित महादेवी कन्या पाठशाला (एमकेपी) महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनावों में अध्यक्ष पद पर फिर एबीवीपी ने जीत हासिल की है। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की यह लगातार छठीं विजय है।
एबीवीपी की अध्यक्ष पद की प्रत्याशी प्रगति रावत ने 335 मत पाकर विजय पताका फहराई। सचिव पद पर एबीवीपी की मेघा, उपाध्यक्ष पर एबीवीपी की गुलफ्सा नाज, विवि प्रतिनिधि पद पर एबीवीपी की सुष्मिता भंडारी ने जीत दर्ज की है।
जीत के बाद छात्राओं ने ढोल नगाड़ों के साथ जुलूस निकालकर जश्न मनाया। दूसरी ओर, विकास ग्रुप ने पहली बार निर्विरोध सहसचिव पद पर निर्वाचन के साथ छात्रसंघ में अपनी एंट्री दर्ज कराई है।
एमकेपी पीजी कॉलेज में शनिवार सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ। मतदान के लिए छात्राओं की पहले से ही लंबी लाइनें लगी थीं। कुछ देर लाइनें रहीं, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए तीन कक्षों में नौ बूथ बनाए थे।
दोपहर एक बजे छात्राओं के आने का सिलसिला बंद हो गया। दो बजे चुनाव संपन्न हुए। कुल 2534 छात्राओं में से 553 ने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. ज्योत्सना शर्मा ने बताया कि कुल 21.87 प्रतिशत मतदान हुआ।
गत वर्ष कॉलेज में 522 वोट पड़े थे जोकि प्रतिशत के लिहाज से 24.30 था। इस बार मतदान का प्रतिशत गिर गया। तीन बजे से मतगणना शुरू हुई। आपत्ति नहीं होने की वजह से शाम पांच बजे तक मतगणना पूरी हुई और विजेताओं के नामों की घोषणा कर दी गई। लगातार छठे साल एबीवीपी ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया है।
विकास ग्रुप ने की छात्रसंघ में एंट्री
एमकेपी पीजी कॉलेज में दो साल से चुनाव लड़वा रहा विकास ग्रुप इस बार छात्रसंघ में एंट्री पाने में कामयाब रहा। विकास ग्रुप की ओर से सहसचिव पद की प्रत्याशी प्रीति के सामने कोई और प्रत्याशी नहीं होने से उन्हें निर्विरोध चुन लिया गया।
अपने ग्रुप के पहले प्रत्याशी की एंट्री पर विकास ग्रुप ने खुशी जाहिर की। हालांकि, अध्यक्ष पद पर मुकाबले में पिछड़ने पर उन्होंने दुख जताया और छात्राओं के हित में काम करते रहने की बात कही।
हॉस्टल से निकली जीत की राह
एबीवीपी की ओर से रणनीति के तहत एमकेपी में चुनाव लड़ा जाता है। यहां काफी संख्या में ऐसी छात्राएं हैं जो कॉलेज के हॉस्टल में रहती हैं। एबीवीपी के कार्यकर्ता हॉस्टल में जमकर प्रचार-प्रसार करते हैं। इस बार भी हॉस्टल के वोटों ने ही चुनावी नतीजा उनके पक्ष में किया। हालांकि, एबीवीपी को दूसरा फायदा एनसीसी से भी मिला।
एनएसयूआई ने नहीं लड़ाया चुनाव
एबीवीपी के साथ दूसरे बड़े संगठन एनएसयूआई ने एमकेपी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। संगठन की ओर से हर साल एमकेपी में चुनाव को इसी तरह लिया जाता है।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष श्याम सिंह चौहान से सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्ष रोबिन त्यागी को जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन कोई भी योग्य उम्मीदवार नहीं मिला। यह बात अलग है कि डीएवी के चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष ने अलग और जिलाध्यक्ष ने अलग उम्मीदवार तय कर दिए थे।
कॉलेज की राजनीति में नहीं दिखाई दिलचस्पी
एमकेपी पीजी कॉलेज में यूं तो 2534 छात्राओं के वोट थे। इन सभी के एडमिट कार्ड भी कॉलेज की ओर से जारी कर दिए गए थे, लेकिन मतदान में केवल 553 छात्राएं ही पहुंची। छात्राओं ने कॉलेज की छात्रा राजनीति में इस साल गत वर्ष से भी कम दिलचस्पी दिखाई। चुनाव खत्म होने के करीब था कि भारी बारिश ने और कदम रोक दिए।
प्रत्याशियों के मतों पर एक नजर
अध्यक्ष पद
प्रगति रावत : 335 (एबीवीपी)
नैना मौर्य : 183 (विकास ग्रुप)
मोनी कुमारी : 22 (निर्दलीय)
उपाध्यक्ष
गुलफ्सा नाज : 319 (एबीवीपी)
रचना रौथान : 216 (विकास ग्रुप)
महासचिव
मेघा जट : 330 (एबीवीपी)
डॉली बड़थ्वाल : 206 (विकास ग्रुप)
सहसचिव
प्रीति (निर्विरोध निर्वाचित, विकास ग्रुप)
कोषाध्यक्ष
वैशाली यादव (निर्विरोध निर्वाचित, निर्दलीय)
विवि प्रतिनिधि
सुष्मिता भंडारी : 318 (एबीवीपी)
रिनिका नेगी : 217 (विकास ग्रुप)
कॉलेज में इस समय फैकल्टी का अभाव है। कॉमर्स विभाग में तो फैकल्टी की सबसे ज्यादा कमी है। अपने कार्यकाल में इस कमी को दूर करने के लिए प्रयास करेंगे। सभी छात्राओं को साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा।
- प्रगति रावत, नवनिर्वाचित अध्यक्ष
एमकेपी में एबीवीपी की लगातार अध्यक्ष
- अंजली (2010-11)
- आकांक्षा शर्मा (2011-12)
- महक (2012-13)
- तृप्ति ध्यानी (2013-14)
- सपना चौहान (2014-2015)
- प्रगति रावत (2015-2016)