राजधानी देहरादून के श्री गुरु रामराय पीजी कालेज में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कालेज में विवेकानंद स्वाभिमान समारोह कराने जा रही थी। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई थी। पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक बतौर मुख्य अतिथि आने वाले थे। लेकिन ऐन वक्त पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने कालेज बंद करा दिया।
इस पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत किया। हालांकि, कार्यक्रम नहीं हो सका। एबीवीपी ने बृहस्पतिवार के आयोजन के लिए कालेज प्राचार्य प्रो. वीए बौड़ाई से पहले ही अनुमति ले ली थी। संगठन के अनुसार कार्यक्रम में कालेज के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाना था, लोकगायक किशन महिपाल भी यहां प्रस्तुति देने वाले थे। कालेज मैदान में टेंट और मंच भी सज गया था। लेकिन सुबह छात्र कालेज पहुंचे तो गेट पर ताला लटका मिला। दीवारों पर एनएसयूआई की ओर से कालेज बंद होने के पोस्टर लगाए गए थे।
एबीवीपी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तो एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से उनकी तीखी बहस हुई। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भजन रावत का कहना था कि एबीवीपी ने समारोह के संबंध में जो पोस्टर लगाए थे, एनएसयूआई ने उन्हें फाड़ दिया। कहा कि पूरी तैयारी के बाद ऐन वक्त पर अड़ंगा लगाया गया है।
सवाल उठाया कि कालेज प्रशासन को आपत्ति थी तो वह पहले ही आयोजन की अनुमति न देता। उधर, छात्रसंघ अध्यक्ष महादेव रतूड़ी का कहना था कि कालेज में स्वाभिमान समारोह के नाम पर 15 दिसंबर को प्रस्तावित नरेंद्र मोदी की रैली की तैयारी के लिए यह आयोजन हो रहा था।
कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए कालेज का इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा।हंगामा बढ़ा तो कालेज प्रशासन ने पुलिस बुला ली।पुलिस ने दोनों पक्षों को कालेज से खदेड़ दिया।आयोजन का विरोध करने वालों में अनवर हसन, जोगेंद्र भट्ट, प्रशांत चौहान, विवेक राणा, पवन चौहान आदि शामिल रहे।
छत से कूदने की दी धमकी
समारोह का समर्थन कर रहे पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष साकेंद्र रावत और विपिन कांबोज कालेज की छत पर चढ़ गए। दोनों ने आयोजन न होने देने पर वहां से कूदने की धमकी दे डाली।
इससे कालेज प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। काफी देर तक पुलिसकर्मी उन्हें समझाते रहे। इस दौरान साकेंद्र करीब 11 फीट ऊंचाई से कूदने के बाद पाइप से लटककर नीचे उतर आया। विपिन को पुलिस ने उतारा।
दूरदराज के छात्र रहे परेशान
हंगामे के चलते दूरदराज के क्षेत्रों से सुबह कालेज पहुंचे छात्र-छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ी। कई छात्रों को कालेज गेट के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया गया। जिससे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। इनमें कई छात्र वे भी थे, जिन्हें आयोजन में सम्मानित किया जाना था।