साइन बोर्ड पर तो पोस्टर लगा हुआ है। मकान किस लोकेशन में है पता ही नहीं लग रहा है। छात्रों ने तो पूरे साइन बोर्ड पर पार्टी के नेताओं के पोस्टर ही पोस्टर लगा रखे हैं। इन्हें और कहीं जगह नहीं मिली थी पोस्टर लगाने की।
यह कहना है चंद ऐसे लोगों का जिनके घर की दीवारों पर छात्र नेताओं के पोस्टर लगे हैं। पीयू और कालेजों में छात्र संघ चुनाव के लिए सरगर्मी शुरू हो गई है। सभी छात्र संगठनों के नेताओं के पोस्टर सेक्टरों में लगे साइन बोर्ड, बिजली के पोल और दीवारों पर लगे हुए हैं।
प्रचार के लिए छात्रों ने बस क्यू शेल्टर, ट्रैफिक साइन बोर्ड, ट्रैफिक लाइट प्वाइंट से लेकर पेड़ों को भी नहीं छोड़ा है। जहां पोस्टर लगाने की जगह मिल रही है, वहीं पोस्टर लगाए गए हैं। शहर की सुंदरता पर यह दाग है। सबसे बुरी स्थिति सेक्टर 8, 9, 10, 11, 15, 26, 32, 46 और सेक्टर 14 में हैं।
गिरफ्तारी के बाद मिल जाती है जमानत
साइन बोर्ड और दीवारों पर पोस्टर लगाने पर चंडीगढ़ पुलिस सेक्शन 3 आफ वेस्ट बंगाल प्रापर्टी डिफेंसमेंट एक्ट 1976 के तहत मामला दर्ज करती है। जिस भी पार्टी के नेता का पोस्टर लगा होता है पुलिस उसे गिरफ्तार करती है और बाद में पुलिस स्टेशन से ही उसे जमानत भी मिल जाती है।
सार्वजनिक स्थान पर जो भी पोस्टर लगाएगा उसके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज करेगी। छात्र संघ चुनाव में नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पोस्टर न लगाने को लेकर पुलिस छात्र संघ नेताओं के साथ बैठक करके चेतावनी दे चुकी है।
-सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी
यहां लगे हैं पोस्टर
- सेक्टर 26 खालसा कालेज की दीवारों पर, सेंट जोन स्कूल की दीवार, बस क्यू शेल्टर और लाइट प्वाइंट पर साइकिल ट्रैक और खंभे पर
- सेक्टर 32/33 लाइट प्वाइंट के पास दुकानों की दीवारों पर
- सेक्टर 10 गेडी रूट पर बनी दुकानों के पिलरों पर
- सेक्टर-10 डीएवी कालेज की दीवारों, बिजली के खंभे और मार्केट में
- सेक्टर-15 लाइट प्वाइंट के पास दीवार पर
कारण - इन सेक्टरों में कॉलेज स्टूडेंट्स पीजी और किराये पर रहते हैं।